न्यायालय के आदेश पर निजी भूमि से हटाया कब्जा, भू-स्वामी को दिलाई दखल-दिहानी
चौगाईं प्रखंड के मुरार थाना क्षेत्र अंतर्गत अम्बेडकर पट्टी गांव में न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने दखल-दिहानी की कार्रवाई करते हुए निजी भूमि से कथित कब्जा हटवाया। पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने कब्जे वाले स्थल को मुक्त कराकर न्यायालय के आदेश के अनुपालन में भू-स्वामी चिरकुट राम के पक्ष में दखल-दिहानी की प्रक्रिया पूरी कराई।

__ चौगाईं के अम्बेडकर पट्टी में प्रशासन की कार्रवाई, पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से निपटा मामला
__न्यायालय के आदेश पर निजी भूमि से हटाया कब्जा
केटी न्यूज/चौगाईं।
चौगाईं प्रखंड के मुरार थाना क्षेत्र अंतर्गत अम्बेडकर पट्टी गांव में न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने दखल-दिहानी की कार्रवाई करते हुए निजी भूमि से कथित कब्जा हटवाया। पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने कब्जे वाले स्थल को मुक्त कराकर न्यायालय के आदेश के अनुपालन में भू-स्वामी चिरकुट राम के पक्ष में दखल-दिहानी की प्रक्रिया पूरी कराई। कार्रवाई के दौरान मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।प्रशासनिक कार्रवाई का नेतृत्व चौगाईं के अंचलाधिकारी गौतम कुमार ने किया। बताया जाता है कि अम्बेडकर पट्टी निवासी चिरकुट राम ने अपनी भूमि पर दूसरे पक्ष द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए डुमरांव मुंसिफ न्यायालय में वाद दायर किया था।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अतिक्रमित भूमि को कब्जे से मुक्त कराकर वादी को दखल-दिहानी दिलाने तथा कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।न्यायालय के आदेश के आलोक में सीओ गौतम कुमार के नेतृत्व में अंचल प्रशासन और मुरार थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने कब्जे वाले स्थल पर कार्रवाई करते हुए निर्माण को हटवाया और चिरकुट राम के परिजनों को भूमि पर दखल-दिहानी दिलाई।

हालांकि, कार्रवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीणों की ओर से दूसरे पक्ष के दावे को लेकर भी बातें सामने आईं। ग्रामीणों का कहना था कि उक्त भूमि पर स्व. खदेरन राम के पूर्वज वर्षों से रहते थे और भूमि उनके हिस्से में आई थी। खदेरन राम की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी शनिवार देवी वहां अकेली रह रही थीं।सीओ गौतम कुमार ने बताया कि न्यायालय के निर्देश के आलोक में दोनों पक्षों की मौजूदगी में दखल-दिहानी की कार्रवाई पूरी की गई है। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय को भेजी जाएगी।

