एनएच-922 हादसे में पीएनसी कर्मी की मौत मामले में अज्ञात वाहन चालक पर एफआईआर दर्ज

पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) पर कृष्णाब्रह्म अंडरपास के समीप शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पीएनसी कर्मी दीनबंधु कुमार की मौत के मामले ने अब कानूनी रूप लेना शुरू कर दिया है।

एनएच-922 हादसे में पीएनसी कर्मी की मौत मामले में अज्ञात वाहन चालक पर एफआईआर दर्ज

__ सीसीटीवी फुटेज से होगी टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान, पांच घंटे के जाम के बाद मिला था मुआवजे का भरोसा

केटी न्यूज/डुमरांव।

पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) पर कृष्णाब्रह्म अंडरपास के समीप शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पीएनसी कर्मी दीनबंधु कुमार की मौत के मामले ने अब कानूनी रूप लेना शुरू कर दिया है। मृतक के पिता रामप्रवेश सिंह ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कृष्णाब्रह्म थाने में आवेदन दिया है। पुलिस ने आवेदन को ट्रैफिक विभाग को अग्रसारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रविवार होने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी थी। सोमवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात कही गई है।

बताया जाता है कि शनिवार दोपहर करीब 40 वर्षीय दीनबंधु कुमार एनएच-922 पर कृष्णाब्रह्म अंडरपास के पास थे। इसी दौरान तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दीनबंधु की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे तथा दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एनएच-922 पर करीब पांच घंटे तक जाम लगा दिया। इससे बक्सर-पटना मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

जाम समाप्त कराने के दौरान पीएनसी कंपनी की ओर से तत्काल 50 हजार रुपये का चेक दिया गया, जबकि शेष डेढ़ लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया। इधर, प्राथमिकी की प्रक्रिया शुरू होते ही पुलिस ने हादसे की जांच तेज कर दी है। दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

प्रभारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि आवेदन को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया जा रहा है। सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर वाहन और चालक की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद मृतक के गांव में मातम पसरा है। ग्रामीण दोषी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को पूरा मुआवजा दिलाने की मांग पर कायम हैं।