रील के जुनून ने निगल ली तीन किशोरों की जिंदगियां: ठोरा नदी में हुआ दर्दनाक हादसा
सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता पाने की चाह ने बक्सर जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के सरसती गांव में तीन परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। गुरुवार को ठोरा नदी में नहाने गए चार दोस्तों में से तीन किशोर हमेशा के लिए मौत की आगोश में समा गए।


__ नदी में नहाते समय रील के लिए बन रहा था वीडियो, गहरे पानी में समाए तीन किशोर, पूरे गांव में पसरा मातम, चौथे दोस्त की आंखों के सामने हुई त्रासदी
केटी न्यूज/बक्सर
सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता पाने की चाह ने बक्सर जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के सरसती गांव में तीन परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। गुरुवार को ठोरा नदी में नहाने गए चार दोस्तों में से तीन किशोर हमेशा के लिए मौत की आगोश में समा गए। बताया जा रहा है कि नदी में स्नान के दौरान रील बनाने और वीडियो शूट करने के क्रम में तीनों किशोर गहरे पानी में चले गए, जहां देखते ही देखते उनकी जिंदगी की डोर टूट गई।हादसा इतना दर्दनाक था कि जिस चौथे दोस्त ने अपने साथियों को डूबते देखा, वह चाहकर भी उनकी मदद नहीं कर सका। उसकी आंखों के सामने उसके तीनों दोस्त पानी में समाते चले गए और वह बेबस होकर मदद के लिए दौड़ता रहा।जानकारी के अनुसार सरसती गांव के चार किशोर बिना किसी को बताए ठोरा नदी में स्नान करने पहुंचे थे। गर्मी और छुट्टियों के बीच नदी किनारे मौज-मस्ती का माहौल था।

इसी दौरान मोबाइल कैमरे पर वीडियो और रील बनाने का सिलसिला शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों किशोर हाथ पकड़कर पानी के अंदर आगे बढ़ रहे थे। उन्हें शायद अंदाजा नहीं था कि कुछ कदम आगे मौत उनका इंतजार कर रही है।उनके साथ मौजूद कल्याण शर्मा ने बताया कि अचानक तीनों दोस्त गहरे पानी में फंस गए और बचाव के लिए चिल्लाने लगे। वह स्वयं तैरना नहीं जानता था, इसलिए नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पहले उसने आसपास लोगों को आवाज लगाई, लेकिन सुनसान घाट पर कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद वह बदहवास हालत में गांव की ओर दौड़ा और परिजनों को घटना की सूचना दी।खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण भागते हुए नदी किनारे पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक अथक प्रयास किया। आखिरकार तीनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया और तत्काल सदर अस्पताल बक्सर ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।मृतकों में सरसती डेरा निवासी 13 वर्षीय शमर कुमार शर्मा, 15 वर्षीय कृष्णा कुमार राम और 14 वर्षीय धर्मवीर कुमार शामिल हैं। तीनों अपने परिवारों की उम्मीदों का केंद्र थे। कोई पिता की मेहनत का सहारा बनने का सपना देख रहा था तो कोई पढ़-लिखकर परिवार की तकदीर बदलना चाहता था। लेकिन एक पल की लापरवाही ने उन सभी सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।घटना के बाद गांव में ऐसा सन्नाटा पसरा है, मानो किसी बड़े हादसे ने पूरे इलाके की खुशियां छीन ली हों। मृतकों के घरों से उठ रही चीख-पुकार सुनकर लोगों की आंखें नम हो जा रही हैं। माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता अपने जिगर के टुकड़ों को खोने के गम में टूट चुके हैं।

इटाढ़ी थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि तीनों किशोर नदी में नहाने के दौरान डूब गए थे। शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।यह हादसा एक बार फिर सोशल मीडिया की बढ़ती दीवानगी और रील संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों में वायरल होने की होड़ लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण वे नदी, रेलवे ट्रैक, ऊंची इमारतों और अन्य खतरनाक स्थानों पर वीडियो बनाने का जोखिम उठा रहे हैं। कई बार कुछ सेकंड का रोमांच जिंदगी पर भारी पड़ जाता है।सरसती गांव की यह त्रासदी भी यही संदेश दे रही है कि सोशल मीडिया की चमक से कहीं अधिक कीमती जिंदगी है। एक रील दोबारा बनाई जा सकती है, लेकिन खोई हुई जिंदगी कभी वापस नहीं लौटती।

