सैंपलिंग के दौरान पोखरे में डूबा युवा मजदूर, मौत के बाद थर्मल प्लांट का मुख्य गेट जाम

मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र स्थित थर्मल प्लांट परिसर में गुरुवार को ड्यूटी के दौरान एक युवा मजदूर की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हादसे से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने प्लांट के मुख्य गेट को जाम कर दिया तथा प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजा और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग की।

सैंपलिंग के दौरान पोखरे में डूबा युवा मजदूर, मौत के बाद थर्मल प्लांट का मुख्य गेट जाम

परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही का लगाया आरोप, मुआवजा व आश्रित को नौकरी की मांग; पुलिस ने शव बरामद कर शुरू की जांच

केटी न्यूज/चौसा। 

मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र स्थित थर्मल प्लांट परिसर में गुरुवार को ड्यूटी के दौरान एक युवा मजदूर की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हादसे से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने प्लांट के मुख्य गेट को जाम कर दिया तथा प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजा और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग की।

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास देर शाम तक जारी रहा। मृतक की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के देवढ़िया गांव निवासी शिवशंकर सिंह के 22 वर्षीय पुत्र शुभम कुमार के रूप में हुई है। शुभम थर्मल प्लांट में मजदूर के रूप में कार्यरत था। बताया जाता है कि वह गुरुवार को नियमित कार्य के तहत परिसर स्थित पोखरे से पानी का सैंपल लेने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर में भोजन का समय होने पर उसके साथी पहले से तय स्थान पर पहुंचे तो वहां शुभम का टिफिन और झोला रखा मिला, लेकिन वह स्वयं दिखाई नहीं दिया। साथियों ने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद आशंका हुई कि वह पानी का सैंपल लेने पोखरे की ओर गया होगा। जब वहां तलाश की गई तो उसके डूबने की आशंका के बाद तत्काल प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मुफ़स्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से कई घंटे तक चले सर्च अभियान के बाद शुभम का शव पोखरे से बाहर निकाला गया।

शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे परिसर में गमगीन माहौल छा गया। घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंच गए। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और बचाव के इंतजाम होते तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।

आक्रोशित लोगों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा घटना की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए मुख्य गेट जाम कर दिया। इससे कुछ देर के लिए प्लांट के आवागमन पर भी असर पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और प्लांट प्रबंधन के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर मामले के समाधान का भरोसा दिलाया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक मांगों को लेकर बातचीत जारी थी।

मुफ़स्सिल थानाध्यक्ष शम्भू भगत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक की मौत पोखरे में डूबने से हुई है। गोताखोरों की मदद से शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, हादसे के बाद प्लांट परिसर में कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।