मोहरिया गांव में आग का कहर: मिनटों में उजड़े दो परिवार, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
राजपुर प्रखंड की रसेन पंचायत अंतर्गत मोहरिया गांव में शनिवार दोपहर अचानक लगी आग ने दो परिवारों की वर्षों की मेहनत को पल भर में राख में तब्दील कर दिया। स्थानीय निवासी टुनटुन शाह और विनोद शाह के फूसनुमा घरों में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड की रसेन पंचायत अंतर्गत मोहरिया गांव में शनिवार दोपहर अचानक लगी आग ने दो परिवारों की वर्षों की मेहनत को पल भर में राख में तब्दील कर दिया। स्थानीय निवासी टुनटुन शाह और विनोद शाह के फूसनुमा घरों में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

आग की लपटों में घर में रखा अनाज, कपड़े, लकड़ी का फर्नीचर, पशु चारा और दैनिक उपयोग की तमाम सामग्री जलकर खाक हो गई। सबसे भयावह स्थिति यह रही कि अग्निशमन की कोई त्वरित व्यवस्था मौके पर मौजूद नहीं थी। मजबूरन ग्रामीणों ने बाल्टी, बर्तन और हैंडपंप के सहारे घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो गए।

घटना की सूचना धनसोई थाना और राजपुर अंचल कार्यालय को दी गई, परंतु देर से पहुंची प्रशासनिक प्रतिक्रिया ने ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में ऐसी घटनाएं होती हैं, फिर भी अग्निशमन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना रहता है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, आवासीय सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए गांव स्तर पर अग्निशमन संसाधन उपलब्ध कराने की भी पुरजोर मांग उठाई है।यह हादसा सिर्फ आगजनी नहीं, बल्कि ग्रामीण आपदा प्रबंधन की कमजोर कड़ी को उजागर करने वाला गंभीर संकेत है।
