गंगा का उफान बढ़ा, दियारा की राहें डूबीं; 10 हजार की आबादी पर बाढ़ का खतरा
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने सिमरी के दियारा इलाके में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी के उफान से गंगौली और जनेश्वर मिश्र सेतु को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है। तेज बहाव के कारण इस सड़क पर आवागमन अब जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों की मानें तो जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो अगले एक-दो दिनों में सड़क पूरी तरह पानी में डूबकर कट सकती है। ऐसा हुआ तो शिवपुर दियर के रास्ते सिमरी, चक्की के दियारा क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बलिया से सीधा संपर्क प्रभावित हो जाएगा।

__ गंगौली-जनेश्वर मिश्र सेतु संपर्क पथ पर चढ़ा पानी, एक-दो दिन में संपर्क टूटने की आशंका; प्रशासन ने 15 बाढ़ आश्रय स्थल किए तैयार
केटी न्यूज/सिमरी।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने सिमरी के दियारा इलाके में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी के उफान से गंगौली और जनेश्वर मिश्र सेतु को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है। तेज बहाव के कारण इस सड़क पर आवागमन अब जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों की मानें तो जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो अगले एक-दो दिनों में सड़क पूरी तरह पानी में डूबकर कट सकती है। ऐसा हुआ तो शिवपुर दियर के रास्ते सिमरी, चक्की के दियारा क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बलिया से सीधा संपर्क प्रभावित हो जाएगा।फिलहाल ग्रामीण पानी के बीच जान जोखिम में डालकर बाइक से आवागमन कर रहे हैं। बावजूद इसके संवेदनशील मार्ग पर अब तक चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं किए जाने से हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का बहाव लगातार तेज हो रहा है और सड़क की स्थिति हर घंटे बिगड़ रही है।

__ दर्जनभर गांवों की 10 हजार आबादी पर संकट
गंगा का पानी दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है। एक दर्जन से अधिक गांवों की करीब 10 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में आने लगी है। भिक्षु के डेरा और श्रीकांत राय के डेरा जाने वाले मार्ग तक पानी पहुंच चुका है। ग्रामीण अजय ठाकुर ने बताया कि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो अगले दो दिनों में रामदास राय डेरा थाना और स्थानीय विद्यालय भी पानी से घिर सकते हैं। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ बच्चों और पुलिसकर्मियों के आवागमन की समस्या गंभीर हो जाएगी।
__ पशु चारे का संकट गहराया
बाढ़ का असर खेतों के साथ पशुपालकों पर भी पड़ने लगा है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं, दियारा क्षेत्र में पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता घटने लगी है। किसानों को सबसे अधिक चिंता मवेशियों के चारे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी और बढ़ा तो पशुओं को लेकर पलायन की स्थिति बन सकती है।

__ प्रशासन ने शुरू की तैयारी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सीओ भगवती शंकर पांडेय ने बताया कि 15 बाढ़ आश्रय स्थलों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा 20 नाविक और 10 गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कैंप लगाने तथा एसडीआरएफ की टीम उपलब्ध कराने के लिए भी मांग भेजी गई है।इधर, रामदास राय डेरा के थानाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर गंगौली बांध पर चौकीदारों की तैनाती की जा रही है। प्रशासन की तैयारियों के बीच ग्रामीणों की नजर अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है। पानी बढ़ने की रफ्तार कम नहीं हुई तो आने वाले 24 से 48 घंटे दियारा क्षेत्र के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

