पराली जलाने वालों की दें सूचना, होगी सख्त कार्रवाई : शिखा कुमारी
अग्नि सुरक्षा सप्ताह के पांचवें दिन डुमरांव अग्निशामालय की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए नंदन पंचायत भवन में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी शिखा कुमारी ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और महिलाओं को आग से बचाव के जरूरी उपाय बताते हुए कहा कि थोड़ी सी सतर्कता बड़े हादसों को टाल सकती है।

__ अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत नंदन पंचायत भवन में चला जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को आग से बचाव के बताए गए आसान उपाय
केटी न्यूज/डुमरांव
अग्नि सुरक्षा सप्ताह के पांचवें दिन डुमरांव अग्निशामालय की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए नंदन पंचायत भवन में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी शिखा कुमारी ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और महिलाओं को आग से बचाव के जरूरी उपाय बताते हुए कहा कि थोड़ी सी सतर्कता बड़े हादसों को टाल सकती है।कार्यक्रम में पंचायत के मुखिया रामजी सिंह यादव, वार्ड सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अग्निशमन विभाग की टीम ने लोगों को घरेलू आगजनी, खेतों में लगने वाली आग और गर्मी के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के तरीके विस्तार से समझाए।

अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी शिखा कुमारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खेतों में जानबूझकर पराली जलाने वालों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल खेतों की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, बल्कि कई बार यह आग फैलकर गांवों और घरों तक पहुंच जाती है, जिससे भारी नुकसान होता है।उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में फूस और कच्चे घरों में आग लगने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में फूस के घरों पर मिट्टी का लेप करना बेहद जरूरी है। इससे आग तेजी से नहीं फैलती और नुकसान कम होता है।

शिखा कुमारी ने महिलाओं और गृहस्वामियों को सलाह दी कि खाना बनाते समय पास में हमेशा पानी से भरी बाल्टी रखें। खाना पकाने के बाद चूल्हे की आग पूरी तरह बुझा देना चाहिए। कई बार अधजली राख या धीमी आग से देर रात हादसे हो जाते हैं।उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सुबह का खाना 9 बजे से पहले तथा शाम का खाना 6 बजे के बाद ही बनाया जाए, ताकि तेज हवा और दोपहर की गर्मी के समय आग फैलने की संभावना कम रहे।अग्निशमन कर्मियों ने मौके पर ग्रामीणों को आग लगने की स्थिति में तत्काल क्या करें, कैसे सुरक्षित बाहर निकलें और किस तरह दूसरों की मदद करें, इसकी भी जानकारी दी।

ग्रामीणों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की जानकारी गांव-गांव पहुंचनी चाहिए।कार्यक्रम के अंत में अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी शिखा कुमारी ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल आग बुझाना नहीं, बल्कि लोगों को पहले से जागरूक कर हादसों को रोकना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि आग से जुड़ी किसी भी घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।गांव में आयोजित इस अभियान से लोगों में जागरूकता बढ़ी और अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीरता भी दिखाई दी।

