बक्सर में विरासत खोज की बड़ी कामयाबी, 75 वर्ष से अधिक पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि मिली
जिले में अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में चल रहे ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस अभियान के अंतर्गत 75 वर्ष से अधिक पुरानी एक दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि प्राप्त हुई है। इसके साथ ही गुरुद्वारा परिसर से 100 वर्ष से अधिक पुराना गुरुग्रंथ साहिब का एक प्राचीन स्वरूप भी मिला है, जिसे अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर माना जा रहा है।

__ ज्ञान भारतम् मिशन के तहत ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने की पहल तेज, लोगों से की गई सहयोग की अपील
केटी न्यूज/बक्सर:
जिले में अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में चल रहे ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस अभियान के अंतर्गत 75 वर्ष से अधिक पुरानी एक दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि प्राप्त हुई है। इसके साथ ही गुरुद्वारा परिसर से 100 वर्ष से अधिक पुराना गुरुग्रंथ साहिब का एक प्राचीन स्वरूप भी मिला है, जिसे अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर माना जा रहा है।यह उपलब्धि जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम है। जिलाधिकारी साहिला एवं उप विकास आयुक्त निहारिका छवि के मार्गदर्शन में इस मिशन को गति मिली है।

एक अन्य महत्वपूर्ण ग्रंथ की प्राप्ति भी प्रशासनिक सहयोग से संभव हो सकी है, जिससे इस अभियान की सफलता और अधिक स्पष्ट हो रही है।इस खोज से स्थानीय लोगों के साथ-साथ इतिहासकारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रतिमा कुमारी ने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य केवल प्राचीन पांडुलिपियों को खोजना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि बक्सर को एक समृद्ध सांस्कृतिक और ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करना इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।प्रशासन द्वारा इन दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके तहत पांडुलिपियों का डिजिटल रूप में संरक्षण (डिजिटलीकरण) किया जाएगा, ताकि समय के साथ इनके नष्ट होने की आशंका को कम किया जा सके। साथ ही भौतिक रूप से भी इनके संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी इस मुहिम में भागीदारी की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि यदि उनके पास कोई पुरानी पुस्तक, हस्तलिखित ग्रंथ या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हो, तो वे उसे प्रशासन के साथ साझा करें। इससे इन बहुमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के माध्यम से बक्सर अपनी खोई हुई बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनः प्राप्त करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है, जो भविष्य में जिले की पहचान को नई ऊंचाई देने में सहायक सिद्ध होगा।

