रोपनी की उम्मीद बनी मातम, खेत में काम कर रहे किसान की वज्रपात से मौत
मानसून की पहली अच्छी बारिश जहां किसानों के लिए धान रोपनी की उम्मीद लेकर आई, वहीं चौसा प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित नारायणपुर गांव में यह बारिश एक परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गई।

केटी न्यूज/चौसा
मानसून की पहली अच्छी बारिश जहां किसानों के लिए धान रोपनी की उम्मीद लेकर आई, वहीं चौसा प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित नारायणपुर गांव में यह बारिश एक परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गई। रविवार सुबह खेत में रोपनी की तैयारी कर रहे किसान की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।जानकारी के अनुसार, नारायणपुर निवासी विजय सिंह (50) रविवार सुबह करीब नौ बजे अपने खेत में धान की रोपनी से पहले खेत की मेड़ दुरुस्त करने और अन्य तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली उनके ऊपर गिर गई। वज्रपात की चपेट में आते ही वह गंभीर रूप से झुलसकर खेत में गिर पड़े।

आसपास काम कर रहे किसानों ने घटना के तुरंत बाद उन्हें चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा तथा मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।ग्रामीणों ने बताया कि विजय सिंह मेहनतकश किसान थे और मजदूरी के साथ खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी, ऐसे में उनकी मृत्यु से आश्रितों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मृतक के परिजनों को आपदा राहत मद के तहत शीघ्र मुआवजा, पारिवारिक लाभ योजना सहित अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी पर निर्भर इस परिवार को तत्काल आर्थिक संबल दिया जाना आवश्यक है, ताकि वे इस कठिन समय में स्वयं को संभाल सकें।

