खबर का असर : खबर छपी तो बुजुर्ग भाई-बहन के दरवाजे पहुंचा पूरा प्रशासन

कभी सरकारी योजनाओं की चौखट तक नहीं पहुंच पाने वाले ओझा बरांव गांव के असहाय बुजुर्ग ललन ओझा और उनकी बड़ी बहन जयतारा की जिंदगी में शनिवार को एक खबर उम्मीद की किरण बनकर पहुंची। केशव टाइम्स में दोनों बुजुर्ग भाई-बहन की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की टीम उनके घर पहुंची।

खबर का असर : खबर छपी तो बुजुर्ग भाई-बहन के दरवाजे पहुंचा पूरा प्रशासन

_ दो दिन में गाड़ी से पटना भेजकर बनेगा आधार कार्ड, जमीन की जमाबंदी-रसीद दुरुस्त कराने का निर्देश; _ राशन, आवास और बिजली की सुविधा भी हुई बहाल

केटी न्यूज/डुमरांव।

कभी सरकारी योजनाओं की चौखट तक नहीं पहुंच पाने वाले ओझा बरांव गांव के असहाय बुजुर्ग ललन ओझा और उनकी बड़ी बहन जयतारा की जिंदगी में शनिवार को एक खबर उम्मीद की किरण बनकर पहुंची। केशव टाइम्स में दोनों बुजुर्ग भाई-बहन की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की टीम उनके घर पहुंची। मौके पर डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह, एसडीओ राजीव कुमार, सीओ गौतम कुमार, प्रखंड प्रमुख ऋषिकांत सिंह समेत कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।बुजुर्ग भाई-बहन की स्थिति देखकर एसडीओ ने तत्काल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो दिनों के भीतर वाहन की व्यवस्था कर दोनों बुजुर्गों को पटना भेजा जाएगा, ताकि उनका आधार कार्ड बन सके।

आधार कार्ड के अभाव में सरकारी योजनाओं से वंचित इन दोनों के लिए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।एसडीओ ने अंचलाधिकारी को झोपड़ीनुमा घर की जमीन की रसीद और जमाबंदी को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। साथ ही राशन कार्ड बनने तक पीडीएस दुकानदार के माध्यम से नियमित राशन उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद दोनों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया।प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में बिजली विभाग के कर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया। इसके बाद बुजुर्गों की झोपड़ी तक बिजली का तार पहुंचाया गया। जिंदगी में पहली बार अपने घर में बिजली की रोशनी देखकर ललन ओझा और जयतारा की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। उनके चेहरे पर वर्षों बाद राहत दिखाई दी।

विधायक राहुल कुमार सिंह ने दोनों बुजुर्गों की स्थिति पर खेद जताते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें इस तरह की बदहाली में जीवन गुजारना पड़ रहा है, यह चिंता का विषय है। उन्होंने तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने के साथ सरकारी सुविधाएं मिलने तक दोनों के भरण-पोषण में सहयोग करने की बात कही।इसी दौरान बगल में कराकट के नीचे जीवन गुजार रहे विशेश्वर शुक्ला और पूर्व वार्ड सदस्या सीता देवी की स्थिति भी सामने आई। उन्हें भी आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया।खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों के कदम से यह साफ हुआ कि कई बार व्यवस्था की नजर से दूर छूट चुके जरूरतमंदों तक उनकी आवाज पहुंचाने में एक खबर भी अहम भूमिका निभा सकती है।