बक्सर में ‘वार्तालाप’ योजनाओं की भाषा समझने पत्रकार और प्रशासन एक मंच पर

सरकारी योजनाओं की जमीनी समझ और मीडिया की भूमिका को नए नजरिये से परखने का मंच सोमवार को बक्सर में सजा, जब पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), पटना की ओर से एकदिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन समाहरणालय सभाकक्ष में किया गया। इस कार्यशाला ने केवल एक योजना की जानकारी देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि मीडिया, प्रशासन और समाज के बीच संवाद की मजबूत कड़ी बनने का प्रयास किया।

बक्सर में ‘वार्तालाप’ योजनाओं की भाषा समझने पत्रकार और प्रशासन एक मंच पर

-- वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 को लेकर पीआईबी की कार्यशाला में संवाद, सवाल और सुझावों की खुली चर्चा

केटी न्यूज/बक्सर

सरकारी योजनाओं की जमीनी समझ और मीडिया की भूमिका को नए नजरिये से परखने का मंच सोमवार को बक्सर में सजा, जब पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), पटना की ओर से एकदिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन समाहरणालय सभाकक्ष में किया गया। इस कार्यशाला ने केवल एक योजना की जानकारी देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि मीडिया, प्रशासन और समाज के बीच संवाद की मजबूत कड़ी बनने का प्रयास किया।कार्यशाला का केंद्र बिंदु रहा विकसित भारत, रोज़गार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी अधिनियम, 2025।

उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि आज के दौर में योजनाओं की सफलता केवल क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि सही और तथ्यपरक सूचना के प्रसार से तय होती है। इसमें मीडिया की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने इसे प्रशासन और पत्रकारों के बीच विश्वास व समन्वय बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल बताया।उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण रोजगार और आजीविका को स्थायित्व देने की दिशा में एक अहम कदम है।

उन्होंने माना कि अतीत की योजनाओं से सीख लेकर इसमें सुधार की गुंजाइश रखी गई है और जिला प्रशासन इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार है।कार्यशाला को रोचक बनाते हुए पीआईबी पटना के सहायक निदेशक कुमार सौरभ ने “वार्तालाप” की अवधारणा समझाई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एकतरफा जानकारी नहीं, बल्कि सवाल-जवाब और फीडबैक आधारित संवाद का मंच है, जिससे भ्रम टूटते हैं और भरोसा बनता है। वहीं, मीडिया एग्जीक्यूटिव संदीप कपूर की प्रस्तुति ने पीआईबी की कार्यप्रणाली और अधिनियम के लाभों को सरल भाषा में सामने रखा।

वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार सिंह, डॉ. रास बिहारी शर्मा और रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने मीडिया को केवल सूचनावाहक नहीं, बल्कि सामाजिक अभिप्रेरक बताते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को जन-जन से जोड़ने में मददगार हैं।कार्यशाला के समापन पर पत्रकारों ने लिखित फीडबैक देकर इसे उपयोगी, संवादपरक और समयानुकूल बताया। संचालन पीआईबी के सूचना सहायक अभिनव कुमार ने किया। बड़ी संख्या में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों की भागीदारी ने इस ‘वार्तालाप’ को वास्तव में सार्थक बना दिया।