डुमरांव-बिक्रमगंज पथ पर बेलगाम परिचालन की भेंट चढ़ा आईटीबीपी का जवान, बुझ गया घर का इकलौता चिराग

डुमरांव-बिक्रमगंज पथ (एन एच 120) पर रात में बालू लदे ट्रकों के बेलगाम परिचालन की भेंट आईटीबीपी का एक जवान चढ़ गया है। यह हादसा कोरान सराय थाना क्षेत्र के खलवा इनार के समीप गुरुवार देर रात की है। इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

डुमरांव-बिक्रमगंज पथ पर बेलगाम परिचालन की भेंट चढ़ा आईटीबीपी का जवान, बुझ गया घर का इकलौता चिराग

-- गुरुवार की देर रात्रि खलवा इनार के पास अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर हुई मौत, परिजनों के क्रंदन-चीत्कार से गमगीन हो गया था माहौल 

-- राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, साथी जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर 

केटी न्यूज/डुमरांव 

डुमरांव-बिक्रमगंज पथ (एन एच 120) पर रात में बालू लदे ट्रकों के बेलगाम परिचालन की भेंट आईटीबीपी का एक जवान चढ़ गया है। यह हादसा कोरान सराय थाना क्षेत्र के खलवा इनार के समीप गुरुवार देर रात की है। इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान कोरान सराय थाना क्षेत्र अंतर्गत नजीरगंज गांव निवासी मंगरू सिंह के इकलौते पुत्र धनजी कुमार यादव के रूप में हुई। वह आईटीबीपी का जवान था तथा फिलहाल उसकी पोस्टिंग आईटीबीपी के 26वी बटालियन में पंजाब के लुधियाना में थी।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम करा स्वजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार बक्सर स्थित मुक्तिधाम में किया गया, जहां साथी जवानों ने परंपरा के अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जबकि परिजनों व ग्रामीणों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी।

-- मौत की खबर से परिजनों में मचा कोहराम

धनजी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता मंगरू सिंह, माता इंद्रावती देवी, पत्नी अंजू देवी, इकलौते पुत्र अंकुश, बेटिया मानसी तथा प्रिया के अलावे बहनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया था, जबकि ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई थी।सबसे खराब स्थिति मृतक की मां और पत्नी का था, जबकि पिता को मानो काठ मार गया हो, जवान व कमाउ पूत की असमय मौत से पिता को गहरा सदमा पहुंचा है। जबकि बहने भी भाई के शव से लिपट चिख-चिखकर रो रही थी। आलम यह था कि उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश करने वाले उनके दुख में शामिल हो खुद रोने लग रहे थे। यह सिलसिला घंटो जारी था।

-- गांव से डुमरांव आने के दौरान हुआ हादसे का शिकार

बताया जा रहा है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए वह डुमरांव के टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के पास किराए का एक कमरा लिया था जहां उसकी पत्नी और बच्चे रहते थे, बच्चे सफाखाना रोड स्थित किसी निजी विद्यालय में पढ़ते थे, वहीं खेती बाड़ी का काम देखने के लिए माता-पिता गांव पर रहते थे। गुरुवार की शाम वह अपने गांव गया था तथा जरूरी कामों तथा माता-पिता के लिए आवश्यक सामानों की खरीददारी के बाद रात करीब 9.30 बजे अपने गांव से डुमरांव के लिए चला था, लेकिन खलवा इनार के समीप किसी अज्ञात वाहन ने उसे रौंद दिया जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि वह बलूलदे ट्रक की चपेट में आ गया होगा। बता दें कि नो एंट्री खत्म होते ही डुमरांव-बिक्रमगंज पथ पर बालू की ढुलाई करने वाले ट्रकों का साम्राज्य कायम हो जाता है तथा पूरी रात इनसे निपटना अन्य वाहन चालकों के लिए मुश्किल होता है। 

-- 2012 में आईटीबीपी में हुआ था चयन

ग्रामीणों ने बताया कि धनजी काफी होनहार और साहसी लड़का था। वर्ष 2012 में उसका चयन आईटीबीपी में हुआ था। इसके बाद से उसका परिवार काफी खुश था। दांपत्य जीवन में उसे एक पुत्र और दो पुत्रियां हुई, लेकिन इस घटना से मासूम बच्चों के सर से बाप का साया तथा पिता के बुढ़ापे की लाठी को छीन लिया है।ग्रामीणों ने बताया कि वह इसी महीने 14 तारीख को गांव आया था तथा 28 जून को वापस अपनी ड्यूटी पर लौटने वाला था लेकिन तब तक एक भीषण हादसे ने उसकी जिंदगी ही छीन ली। इस घटना से पूरा गांव मर्माहत हो उठा है। जवान के शव यात्रा में पूरा गांव उमड़ गया था।