भीषण तपिश से दहका केसठ आग उगलते आसमान से जनजीवन बेहाल,जनजीवन अस्त-व्यस्त

प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। आसमान से बरसती तपिश और तेज पछुआ हवाओं ने इलाके को मानो भट्ठी में बदल दिया है। सुबह होते ही लू के थपेड़े शुरू हो जाते हैं, जिससे लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। इसका असर न सिर्फ आम लोगों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ देखने को मिल रहा है।दोपहर के समय केसठ बाजार और प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।

भीषण तपिश से दहका केसठ आग उगलते आसमान से जनजीवन बेहाल,जनजीवन अस्त-व्यस्त

केटी न्यूज/केसठ।

 प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। आसमान से बरसती तपिश और तेज पछुआ हवाओं ने इलाके को मानो भट्ठी में बदल दिया है। सुबह होते ही लू के थपेड़े शुरू हो जाते हैं, जिससे लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। इसका असर न सिर्फ आम लोगों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ देखने को मिल रहा है।दोपहर के समय केसठ बाजार और प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी गमछा या कपड़े से चेहरा ढंककर ही निकल रहे हैं। गर्मी के कारण बाजारों में भीड़ कम हो गई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन इतनी गर्म हो गई है कि नंगे पैर चलना मुश्किल हो गया है।भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर मूक पशु-पक्षियों पर पड़ा है। जलस्रोत सूखने के कारण पक्षी पानी के लिए भटक रहे हैं।पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। चापाकलों के सूखने से पशुओं को पानी पिलाने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। गर्मी के कारण पशुओं में बीमारी और दूध उत्पादन में कमी की समस्या भी सामने आ रही है। खेतों और हरियाली पर भी इस तपिश का असर दिखने लगा है। तेज गर्म हवाओं के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक बुजुर्ग ग्रामीण बताते हैं कि ऐसी गर्मी पहले कभी नहीं देखी। आदमी तो किसी तरह पानी पी लेता है, लेकिन बेजुबान जानवरों के लिए स्थिति काफी खराब है। पशुओं के लिए जगह-जगह पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विनय कुमार ने कहा है कि दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और पशुओं को छायादार स्थान पर रखकर समय-समय पर पानी पिलाएं।