मेहनत और आत्मविश्वास से मधुबाला ने रचा इतिहास, 20 साल की उम्र में बनीं बीडीओ

डुमरांव की बेटी मधुबाला ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के पद पर चयनित हुईं मधुबाला को सोमवार को अनुमंडल प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया।

मेहनत और आत्मविश्वास से मधुबाला ने रचा इतिहास, 20 साल की उम्र में बनीं बीडीओ

__ बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में हासिल की 15वीं रैंक, एसडीएम ने सम्मानित कर बढ़ाया हौसला

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव की बेटी मधुबाला ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के पद पर चयनित हुईं मधुबाला को सोमवार को अनुमंडल प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया। डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार ने कार्यालय में उन्हें सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर समाजसेवी सोनू राय भी मौजूद रहे। सम्मान समारोह के दौरान एसडीएम ने कहा कि बेहद कम उम्र में मधुबाला ने जिस उपलब्धि को हासिल किया है, वह प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि उनकी सफलता पूरे डुमरांव अनुमंडल और बक्सर जिले के लिए गर्व का विषय है। मधुबाला की उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।राजगढ़ के पीछे महादेव दत्त की गली निवासी कमलेश कुमार और सुमन देवी की पुत्री मधुबाला चार बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा लिए सेल्फ स्टडी के जरिए यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और सही दिशा में तैयारी से बड़ी उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।

मधुबाला की सफलता की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। खासकर युवाओं और बेटियों के लिए उनकी कहानी प्रेरणा बन गई है। लोगों का कहना है कि मधुबाला ने अपनी उपलब्धि से यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।सम्मान के दौरान मधुबाला ने भी अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, आत्मविश्वास और लगातार मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय कर ईमानदारी से तैयारी करने पर सफलता जरूर मिलती है। उनकी सफलता से डुमरांव क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।