बलिहार के युवक के कथित गुमशुदगी का खुला राज, 23 किलो गांजा के साथ चढ़ा है आजमगढ़ पुलिस के हत्थे
रांची से बक्सर लौटने के दौरान लापता हुए बलिहार के एक युवक की तलाश का मामला आखिरकार ऐसी जगह जाकर थमा, जिसकी परिजनों ने कल्पना भी नहीं की थी। घर पहुंचने के बजाय युवक उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल पहुंच चुका था।

__ रांची से बक्सर लौटते वक्त अचानक बंद हुआ मोबाइल, मां की शिकायत पर खुली परतें; दो महिला आरोपियों के साथ गिरफ्तार होने का सामने आया मामला
केटी न्यूज/डुमरांव।
रांची से बक्सर लौटने के दौरान लापता हुए बलिहार के एक युवक की तलाश का मामला आखिरकार ऐसी जगह जाकर थमा, जिसकी परिजनों ने कल्पना भी नहीं की थी। घर पहुंचने के बजाय युवक उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल पहुंच चुका था। सिमरी पुलिस की जांच में यह जानकारी सामने आने के बाद जहां परिजनों को उसके सकुशल होने की राहत मिली, वहीं जेल में बंद होने की खबर ने परिवार को सकते में डाल दिया।मामला सिमरी थाना क्षेत्र के बलिहार गांव का है। गांव निवासी दिवाकर सिंह का 28 वर्षीय पुत्र राजाबाबू सिंह 15 सितंबर को रांची से अपने घर के लिए निकला था। निर्धारित समय तक घर नहीं पहुंचने और मोबाइल फोन लगातार बंद मिलने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ती गई। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो उसकी मां सरोज देवी ने सिमरी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

__ तकनीकी जांच में आजमगढ़ का मिला सुराग
शिकायत मिलने के बाद सिमरी पुलिस ने युवक की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध पुलिस इनपुट को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान उसका सुराग उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से मिला। इसके बाद सिमरी पुलिस ने बिलरियागंज थाना पुलिस से संपर्क किया तो गुमशुदगी के पीछे छिपी पूरी कहानी सामने आ गई।बिलरियागंज पुलिस के अनुसार राजाबाबू सिंह को दो महिलाओं के साथ गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। तीनों के पास से 23.411 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई है। गांजा दो ट्रॉली बैग में रखा गया था। आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।

__ पैसे के बदले गांजा पहुंचाने का आरोप
पुलिस पूछताछ में राजाबाबू ने कथित तौर पर गांजा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए दिए जाने और इसके बदले पैसे मिलने की बात स्वीकार की है। इसके बाद तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।गिरफ्तार महिलाओं की पहचान गाजीपुर जिले के दिलदारनगर निवासी नेहा पासवान और बक्सर जिले के इटवा निवासी पूनम देवी के रूप में हुई है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि बरामद गांजे का नेटवर्क कहां तक फैला है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

__ राजाबाबू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
जांच में राजाबाबू का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वर्ष 2023 में गाजीपुर के गहमर थाने में उसके खिलाफ धारा 504, 506 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी मिली है। वहीं वर्ष 2026 में जीआरपी रांची में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि पुलिस ने की है। अब आजमगढ़ में गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने मामलों और कथित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।

