भूमि विवादों पर प्रशासन सख्त, नापी और दाखिल-खारिज के मामलों में तेजी के निर्देश
भूमि विवादों के बढ़ते मामलों के बीच शनिवार को डुमरांव अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। जमीन से जुड़े विभिन्न मामलों में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कई मामलों के मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

__ जनता दरबार में फरियादियों की सुनी गई शिकायतें, बासगीत पर्चा की मांग को लेकर पहुंचीं महिलाएं
केटी न्यूज/डुमरांव।
भूमि विवादों के बढ़ते मामलों के बीच शनिवार को डुमरांव अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। जमीन से जुड़े विभिन्न मामलों में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कई मामलों के मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। वहीं, विवादित भूखंडों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए नापी कराने तथा लंबित मामलों में अमीन की प्रतिनियुक्ति के निर्देश दिए गए।जनता दरबार की अध्यक्षता सीओ बृजेश कुमार द्विवेदी ने की। मौके पर डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान दाखिल-खारिज, जमीन की मापी तथा आपसी भूमि विवाद से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ देखा गया। सीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में स्थल की स्थिति स्पष्ट नहीं है, वहां नियमानुसार नापी कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

__लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर
जनता दरबार में लंबित मापी आवेदनों की भी समीक्षा की गई। ऐसे मामलों में अमीन की प्रतिनियुक्ति कर स्थल निरीक्षण कराने और आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। वहीं, लंबित दाखिल-खारिज मामलों में प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा गया। सीओ ने कहा कि भूमि विवादों के निपटारे में पारदर्शिता और नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी पक्ष के साथ अन्याय की स्थिति न बने।इस दौरान नया भोजपुर क्षेत्र से पहुंचीं करीब आधा दर्जन अनुसूचित जनजाति की महिलाओं ने बासगीत पर्चा और आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी। महिलाओं ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि उनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है। सीओ ने उनकी समस्या सुनकर संबंधित प्रक्रिया के तहत जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। जनता दरबार में अन्य मामलों की सुनवाई करते हुए भी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

