बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर प्रशासन सख्त: 6 दिनों में 31,583 सिलेंडर वितरित, एजेंसियों पर कड़ी निगरानी

जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं की भीड़ लगाकर सिलेंडर वितरण नहीं किया जाएगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित गैस एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर प्रशासन सख्त: 6 दिनों में 31,583 सिलेंडर वितरित, एजेंसियों पर कड़ी निगरानी

__ लाइन लगाकर वितरण पर रोक, होम डिलीवरी अनिवार्य, हर समय कंट्रोल रूम सक्रिय, 92 में 45 शिकायतों का निपटारा

केटी न्यूज/बक्सर:

जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं की भीड़ लगाकर सिलेंडर वितरण नहीं किया जाएगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित गैस एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।प्रशासन ने गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए विशेष निगरानी तंत्र लागू किया है। अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को प्रतिदिन गैस एजेंसियों के निरीक्षण का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर 27 गैस एजेंसियों की सघन जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे। इन टीमों ने सभी एजेंसियों का भौतिक सत्यापन किया।आंकड़ों के अनुसार 13 मार्च से 18 मार्च 2026 के बीच जिले में कुल 31,583 गैस सिलेंडर वितरित किए गए, जबकि 18 मार्च तक एजेंसियों के पास 4,612 सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। दिनवार वितरण में 13 मार्च को 7,240, 14 मार्च को 7,512, 15-16 मार्च को 7,531, 17 मार्च को 4,207 और 18 मार्च को 5,093 सिलेंडर वितरित किए गए।प्रशासन ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यालय के बाहर सूचना पट्ट लगाकर स्टॉक की अद्यतन स्थिति, वितरण की तिथि और आगामी आपूर्ति कार्यक्रम की जानकारी सार्वजनिक करें।

साथ ही बुकिंग के 2-3 दिनों के भीतर हर हाल में होम डिलीवरी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।ई-केवाईसी को लेकर भी प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। सभी एजेंसियों को कैंप मोड में बचे हुए उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि ओटीपी से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो सकें। उपभोक्ता स्वयं भी ई-केवाईसी कर सकते हैं।शिकायतों के निपटारे के लिए जिला नियंत्रण कक्ष हर समय सक्रिय है। अब तक 92 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 45 का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि शेष पर कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।