नया भोजपुर पैक्स बैंक घोटाला: ताले के पीछे कैद जमाकर्ताओं की गाढ़ी कमाई, बढ़ती जा रही पीड़ा

नया भोजपुर में पैक्स द्वारा संचालित जमा वृद्धि योजना के तहत चल रहे कथित बैंक में हुए गबन ने सैकड़ों गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय जमाकर्ताओं की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। बैंक में अचानक ताला लटकने और गबन का मामला सामने आने के बाद लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई मानो हवा हो गई है। जिन लोगों ने भविष्य की जरूरतों, बेटी की शादी और बीमारी के इलाज के लिए थोड़ी-थोड़ी रकम जमा की थी, वे आज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

नया भोजपुर पैक्स बैंक घोटाला: ताले के पीछे कैद जमाकर्ताओं की गाढ़ी कमाई, बढ़ती जा रही पीड़ा

-- शादी, इलाज और भविष्य की जरूरतें अटकीं, गरीब जमाकर्ता न्याय की आस में

केटी न्यूज/डुमरांव

नया भोजपुर में पैक्स द्वारा संचालित जमा वृद्धि योजना के तहत चल रहे कथित बैंक में हुए गबन ने सैकड़ों गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय जमाकर्ताओं की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। बैंक में अचानक ताला लटकने और गबन का मामला सामने आने के बाद लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई मानो हवा हो गई है। जिन लोगों ने भविष्य की जरूरतों, बेटी की शादी और बीमारी के इलाज के लिए थोड़ी-थोड़ी रकम जमा की थी, वे आज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।हालांकि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले में सामूहिक एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन इससे जमाकर्ताओं की तत्काल मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। बैंक बंद होने के बाद न तो किसी को अपनी जमा राशि मिल पा रही है और न ही कोई संतोषजनक जवाब।

-- गरीबों की उम्मीदों पर लगा ताला

बताया जा रहा है कि इस पैक्स बैंक में पैसा जमा करने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आते हैं। किसी ने दिहाड़ी मजदूरी से, तो किसी ने सब्जी बेचकर, तो किसी ने छोटे-मोटे काम से अपनी गाढ़ी कमाई बचाकर जमा की थी। उनका विश्वास था कि जरूरत के समय यह राशि सहारा बनेगी। लेकिन आरोप है कि पैक्स प्रबंधन की नीयत में खोट था और अध्यक्ष व संचालक ने मिलकर जमाकर्ताओं के पैसे का गबन कर लिया।जमाकर्ताओं का कहना है कि सूद समेत पैसा लौटाने के बजाय प्रबंधन ने विश्वासघात किया, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है।

-- 86 हजार की जमा, पर शादी अधर में

इस घोटाले की सबसे मार्मिक तस्वीर नया भोजपुर निवासी स्व. रामाशंकर तुरहा की अनाथ बेटी सुनीता की है। सुनीता ने इस पैक्स बैंक में 86 हजार रुपये जमा कर रखे थे। माता-पिता के निधन के बाद वह गांव में सब्जी बेचकर किसी तरह अपना और परिवार का भरण-पोषण कर रही है। उसकी फरवरी में शादी तय है, लेकिन बैंक में जमा पैसे न मिल पाने के कारण शादी की तैयारियां तक शुरू नहीं हो सकी हैं।सुनीता ने एसपी के जनता दरबार में अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि शादी सिर पर है, लेकिन पैसे के अभाव में वह असहाय महसूस कर रही है। जिस भरोसे के साथ उसने अपनी कमाई बैंक में रखी थी, वही भरोसा अब टूट चुका है।

-- इलाज और जीवन की अंतिम जरूरतें भी अटकीं

सुनीता अकेली पीड़िता नहीं है। इस पैक्स बैंक में पैसा जमा करने वाले कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जो जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं और बीमारी के इलाज के लिए अपनी जमा पूंजी पर निर्भर थे। आज वे इलाज कराने में असमर्थ हैं। कई परिवारों की बेटियों की शादियां टल गई हैं, तो कई घरों में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

-- जांच शुरू, लेकिन सवाल बरकरार

नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पीड़ित जमाकर्ताओं को जल्द न्याय मिलेगा और उनकी गाढ़ी कमाई वापस लौटेगी, पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन की तत्परता पर अब सैकड़ों पीड़ित परिवारों की निगाहें टिकी हैं।