सोशल मीडिया पर अश्लील तस्वीर व वीडियो वायरल करने वाला गिरफ्तार
सोशल मीडिया के दुरुपयोग के एक सनसनीखेज मामले में बक्सर साइबर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला महिलाओं की गरिमा और निजता से सीधे जुड़ा हुआ है, जहां एक युवती की निजी तस्वीरों और वीडियो को वायरल कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस की त्वरित और तकनीकी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।
--साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी सलाखों के पीछे
केटी न्यूज/बक्सर
सोशल मीडिया के दुरुपयोग के एक सनसनीखेज मामले में बक्सर साइबर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला महिलाओं की गरिमा और निजता से सीधे जुड़ा हुआ है, जहां एक युवती की निजी तस्वीरों और वीडियो को वायरल कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस की त्वरित और तकनीकी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।नया भोजपुर थाना क्षेत्र के नवाडेरा गांव से गिरफ्तार युवक पर आरोप है कि उसने थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती के निजी फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।

इतना ही नहीं, उसने इन्हें युवती के परिजनों के मोबाइल नंबरों पर भी भेजा, जिससे पूरे परिवार को सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। पीड़िता के पिता ने इस गंभीर मामले को लेकर साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।शिकायत मिलते ही साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष अविनाश कश्यप के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रैकिंग और इनपुट के आधार पर पुलिस ने नवाडेरा गांव में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया। उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग कर आपत्तिजनक सामग्री को प्रसारित किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने कृत्य को स्वीकार कर लिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साइबर डीएसपी अविनाश कश्यप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर किसी की छवि खराब करना, ब्लैकमेल करना या महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में पुलिस ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।इस कार्रवाई से न सिर्फ पीड़िता को न्याय मिला है, बल्कि समाज को भी एक कड़ा संदेश गया है कि साइबर अपराध करने वालों की पहचान छिपी नहीं रह सकती।

