जन्मदिन पर दलित बस्ती में शिक्षा का दीप जलाकर जलपुत्र अजय बने प्रेरणा स्रोत
अपने जन्मदिन को साधारण उत्सव की बजाय सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में मनाते हुए नगर के स्वच्छता अभियान के ब्रांड तथा जलपुत्र के नाम से चर्चित अजय राय ने बुधवार को डुमरांव नगर के सफखाना रोड स्थित दलित बस्ती में शिक्षा का संदेश फैलाने की अनूठी पहल की।
-- बच्चों को शैक्षणिक सामग्रियों का किया वितरण, अभिभावकों को जागरूक किया, शिक्षा से वंचित बच्चों के नामांकन की जिम्मेदारी भी ली
केटी न्यूज/डुमरांव
अपने जन्मदिन को साधारण उत्सव की बजाय सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में मनाते हुए नगर के स्वच्छता अभियान के ब्रांड तथा जलपुत्र के नाम से चर्चित अजय राय ने बुधवार को डुमरांव नगर के सफखाना रोड स्थित दलित बस्ती में शिक्षा का संदेश फैलाने की अनूठी पहल की।“पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया” जैसे संदेशात्मक स्लोगन के साथ उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान की भावना को नए रंग में पेश किया। उन्होंने बस्ती के बच्चे-बच्चियों के बीच पठन-पाठन की सामग्री वितरित की और शिक्षा से वंचित बच्चों को चिन्हित कर उनके भविष्य संवारने की जिम्मेदारी भी अपने ऊपर ली।
अजय ने मौके पर मौजूद अभिभावकों से सीधे संवाद कर उन्हें शिक्षा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समाज को आगे बढ़ाना है, तो हर बच्चे का विद्यालय जाना सबसे पहला कदम है। उन्होंने वादा किया कि जो बच्चे अब तक स्कूल नहीं जा सके हैं, उनके नामांकन की पूरी प्रक्रिया में वे स्वयं सहयोग करेंगे।अजय ने अभिभावकों को यह भी प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन बच्चों को विद्यालय भेजने की आदत विकसित करें ताकि बच्चे शिक्षा से लगातार जुड़े रहें और उनका भविष्य संवर सके।
अजय की इस पहल ने पूरे नगर में सकारात्मक चर्चा पैदा कर दी है। आम लोगों से लेकर जिले के कई वरीय अधिकारी भी उनके इस कार्य की खुलकर सराहना कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि अजय की सोच और समर्पण आज की युवा पीढ़ी के लिए मिसाल है। समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी जिस तरह उन्होंने अपने जन्मदिन पर निभाई, वह निश्चय ही अनुकरणीय है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी अजय ने स्वच्छता अभियान और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान दिया है, लेकिन शिक्षा को लेकर उनका यह प्रयास विशेष रूप से प्रभावशाली माना जा रहा है। कई अभिभावकों ने स्वीकार किया कि इस तरह की पहल से उनमें भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।
जब इस प्रयास को लेकर अजय राय से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सबसे मजबूत हथियार है। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे लोगों तक जब शिक्षा पहुंचेगी, तभी उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन आएगा। मैं चाहता हूं कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।उनके इस संकल्प ने यह दिखा दिया कि जन्मदिन सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि समाज के हित में कुछ सार्थक करने का अवसर भी बन सकता है। अजय की यह पहल न केवल बस्ती के बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगी है, बल्कि पूरे नगर के लिए एक प्रेरणा भी बन गई है।

