विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर न्यायालय परिसर में दिलाई गई तंबाकू त्याग की शपथ

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की ओर से व्यवहार न्यायालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झाम्ब की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर न्यायालय परिसर में दिलाई गई तंबाकू त्याग की शपथ

__ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा— तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनजागरण जरूरी

केटी न्यूज/बक्सर

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की ओर से व्यवहार न्यायालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झाम्ब की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, एलएडीसी सदस्यों एवं अधिकार मित्रों (पीएलवी) ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत तंबाकू निषेध शपथ ग्रहण से हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झाम्ब ने उपस्थित सभी लोगों को किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद का सेवन नहीं करने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसके कारण मुंह के कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियां होती हैं, जो व्यक्ति के जीवन और परिवार दोनों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि केवल स्वयं तंबाकू से दूर रहना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों की जानकारी देकर उन्हें तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने न्यायालय परिसर को पूर्णतः तंबाकू मुक्त बनाए रखने पर भी बल दिया।इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव एवं अवर न्यायाधीश नेहा दयाल ने कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस हम सभी को स्वस्थ जीवन अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश देता है।

उन्होंने न्यायालय कर्मियों, अधिवक्ताओं, अधिकार मित्रों तथा जिलेवासियों से तंबाकू का सेवन नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि तंबाकू मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से व्यक्ति को कमजोर बनाता है। इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, जिसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।उन्होंने कहा कि समाज को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने स्तर पर जागरूकता फैलाए तो एक स्वस्थ और सकारात्मक समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने सभी से अपने घर, कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्रों को तंबाकू मुक्त रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम उदय प्रताप सिंह, पोक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार, अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम भोला सिंह, प्रभारी प्रशासन राजीव कुमार, वरिय लिपिक कौशलेंद्र कुमार ओझा सहित अनेक न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, विधिक स्वयंसेवक एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना था।