ओकील पासी की मौत पर बढ़ा आक्रोश, 15 अक्टूबर को थाने के घेराव की चेतावनी
डुमरांव में ओकील पासी की मौत का मामला अब पुलिस के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। घटना के करीब डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक के परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। न्याय की आस में बैठे परिजनों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का ऐलान किया है।

__ डेढ़ माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से भड़के परिजन, हत्या का आरोप लगा मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग तेज
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव में ओकील पासी की मौत का मामला अब पुलिस के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। घटना के करीब डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक के परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। न्याय की आस में बैठे परिजनों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 अक्टूबर तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो डुमरांव थाने का घेराव किया जाएगा। परिजनों की इस घोषणा से मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।

हरनही रोड स्थित पासी टोला के इस मामले में परिजन शुरू से ही ओकील पासी की मौत को हत्या बता रहे हैं। उनका आरोप है कि हत्या करने के बाद शव को कांव नदी में फेंक दिया गया था। परिजनों ने पुलिस की जांच की गति पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी, मामले का शीघ्र खुलासा, मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। मौके पर मौजूद सुशील कुमार ने भी पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए अधिकारियों से दूरभाष पर बात की।

__बागीचे से गायब हुए, अगले दिन नदी में मिला शव
बताया जाता है कि ओकील पासी वार्ड संख्या 26 की अवतार बंगाली गली में अपनी बेटी राबड़ी देवी के साथ रहते थे। वह रात में एक बागीचे की रखवाली करते थे। घटना वाली रात वह खाना लेकर बागीचे में गए थे, लेकिन वापस घर नहीं लौटे। अगले दिन जब परिजन बागीचे पहुंचे, तो गेट बाहर से बंद था और कमरे में ताला लगा मिला। बैग में चाबी टंगी होने की बात सामने आने के बाद परिजनों का संदेह और गहरा गया। खोजबीन के दौरान हरनाही ब्रह्म बाबा मंदिर के समीप कांव नदी से उनका शव बरामद हुआ था।

__हत्या या हादसा, जांच के नतीजे का इंतजार
परिजनों ने विपक्षी पक्ष पर रुपये-पैसे का लालच देकर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के अनुसार पुलिस हत्या और हादसे, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।अब सवाल यह है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने तक परिजनों को कितना इंतजार करना पड़ेगा। 15 अक्टूबर को प्रस्तावित थाने के घेराव की चेतावनी के बीच पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

