छपरा में बूथ छापने पहुंची रोहिणी आचार्या! आक्रोशित लोगों ने की नारेबाजी पुलिस सुरक्षा के बीच जैसे-तैसे बचकर निकलीं रोहणी
बिहार के सारण लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ी रही लालू-राबडी की बेटी रोहिणी आचार्या को लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पडा।

- छपरा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 118 और 119 पर दुबारा देर शाम पहुंचने पर हंगामा
- मतदान केंद्र के अंदर जाकर मतदाताओं से बदसलूकी करने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
- रोहिणी आचार्या पर बूथ छापने के आरोपों और दूसरे विवाद की जांच करायी जायेगी: एसपी
केटी न्यूज/पटना
बिहार के सारण लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ी रही लालू-राबडी की बेटी रोहिणी आचार्या को लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पडा। वोटिंग खत्म होने के करीब आधे घंटे पहले रोहिणी आचार्या लालू परिवार के करीबी भोला यादव और दूसरे समर्थकों के साथ बूथ पर पहुंच गयीं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने भारी हंगामा खड़ा कर दिया। लोगों का आऱोप था कि रोहिणी आचार्या अपने समर्थकों के साथ बूथ छापने आयी हैं। बढ़ते बवाल के बीच रोहिणी आचार्या पुलिस सुरक्षा में जैसे-तैसे वहां से निकल पायीं।
ये मामला छपरा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 118 और 119 का है। छपरा शहर में भिखारी ठाकुर चौक के पास प्राथमिक विद्यालय बड़ा तेलपा में दो मतदान केंद्र बनाये गये थे। शाम चार बजे रोहिणी आचार्या उस बूथ का दौरा करके गयी थीं। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद वे फिर से शाम के साढ़े पांच बजे उसी बूथ पर पहुंच गयीं। रोहिणी आचार्या के साथ लालू परिवार के करीबी भोला यादव और दूसरे समर्थक भी थे। रोहिणी आचार्या को काफिले के साथ बूथ के अंदर जाते देख स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों को आरोप था कि रोहिणी आचार्या बूथ छापने आयी हैं। वे मतदान केंद्र के अंदर जाकर मतदाताओं से बदसलूकी कर रही हैं। उनके साथ आये असामाजिक तत्व वोटरों को भगा रहे हैं।
स्थानीय लोग मतदान केंद्र पर पहुंच गये और बूथ नहीं छापने देंगे के नारे लगाने लगे। स्थानीय लोगों और रोहिणी आचार्या के बीच बहस भी हुई। बूथ पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद आक्रोश और बढ़ गया। लोगों ने रोड जाम भी कर दिया. उस समय रोहिणी आचार्या बूथ के अंदर ही थीं। बाहर लोगों का आक्रोश बढ़ता देख वे वहां से निकलना चाह रही थीं। लेकिन माहौल बेहद गर्म था. इसी दौरान रोहिणी आचार्या के साथ आये कुछ समर्थकों की स्थानीय लोगों से झड़प भी हुई। तभी पेट्रोलिंग पार्टी भी वहां पहुंची. पुलिसकर्मियों ने रोहिणी आचार्या की गाड़ी को घेर कर उन्हें बाहर निकाला। रोहिणी के निकलने के बाद लोगों का हंगामा होता रहा. लोगों का आऱोप था कि रोहिणी आचार्या गुंडों के सहारे बूथ छापने की कोशिश कर रही थी।
मामला बिगड़ते देख सारण के एसपी समेत दूसरे पुलिस अधिकारी मतदान केंद्र पर पहुंचे. एसपी की मौजूदगी में ईवीएम को सील कर वहां से निकाला गया। सारण के एसपी गौरव मंगला ने मीडिया को बताया कि उन दो बूथ पर सुरक्षित मतदान कराया गया है और वोटिंग की समय सीमा खत्म होने के बाद पोलिंग पार्टी वज्र गृह के लिए रवाना भी हो गई है। एसपी ने कहा कि रोहिणी आचार्या पर बूथ छापने के आरोपों और दूसरे विवाद की जांच करायी जायेगी। जांच में जो निष्कर्ष निकल कर आय़ेगा, उसके मुताबिक कार्रवाई की जायेगी।