डुमरांव अस्पताल में अव्यवस्था पर सख्त प्रहार, लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरेगी गाज

डुमरांव अनुमंडल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल गया है। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जिला स्वास्थ्य समिति की नोडल पदाधिकारी कुमारी मनीषा ने गुरुवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

डुमरांव अस्पताल में अव्यवस्था पर सख्त प्रहार, लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरेगी गाज

__ औचक निरीक्षण में खुली पोल—पुराना रोस्टर, ढीली उपस्थिति और सफाई पर फटकार, तुरंत सुधार के कड़े निर्देश

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव अनुमंडल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल गया है। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जिला स्वास्थ्य समिति की नोडल पदाधिकारी कुमारी मनीषा ने गुरुवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।सबसे बड़ी लापरवाही अस्पताल के रोस्टर को लेकर सामने आई। कई चिकित्सकों का दूसरे स्थानों पर तबादला हो चुका है, लेकिन अब तक ड्यूटी रोस्टर अपडेट नहीं किया गया।

इस पर नोडल पदाधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक चूक बताया और तुरंत नया रोस्टर तैयार कर लागू करने का आदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि अब “कागजी व्यवस्था” नहीं, जमीनी सुधार दिखना चाहिए।निरीक्षण में बायोमैट्रिक उपस्थिति और ड्यूटी के प्रति भी लापरवाही सामने आई। कई स्वास्थ्यकर्मी समय से अनुपस्थित पाए गए। इस पर कुमारी मनीषा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब समय पर उपस्थिति और जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जाए।अस्पताल परिसर की साफ-सफाई भी जांच के घेरे में रही।

जगह-जगह गंदगी और अव्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और साफ निर्देश दिया कि अस्पताल में स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए साफ वातावरण बुनियादी जरूरत है, और इसमें लापरवाही अस्वीकार्य है।अस्पताल की प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. प्रेमा कुमारी को भी उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी। निर्देश दिया गया कि अस्पताल की विधि-व्यवस्था हर हाल में सुचारू रहनी चाहिए और किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।नोडल पदाधिकारी ने यह भी साफ कर दिया कि यह सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि निरंतर निगरानी की शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि आगे भी अचानक निरीक्षण किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी व्यवस्था की समीक्षा होगी।कुमारी मनीषा ने दो टूक कहा कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है। स्वास्थ्यकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, ताकि आम जनता को बेहतर और समयबद्ध इलाज मिल सके।निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन को तुरंत सुधार लागू करने का आदेश दिया गया है। अब देखना यह है कि कड़े निर्देशों के बाद डुमरांव अस्पताल की तस्वीर कितनी बदलती है।