सिविल न्यायालय भर्ती परीक्षा को लेकर बक्सर में सख्ती, केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू

सिविल न्यायालयों में परिचर एवं चपरासी (सामान्य तथा आदेशपाल) के पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार विज्ञापन संख्या 04/2022 के अंतर्गत आयोजित इस परीक्षा के स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।

सिविल न्यायालय भर्ती परीक्षा को लेकर बक्सर में सख्ती, केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू

__ 15 मार्च को दो पालियों में होगी प्रारंभिक परीक्षा, भीड़ व अव्यवस्था रोकने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती

केटी न्यूज/बक्सर

सिविल न्यायालयों में परिचर एवं चपरासी (सामान्य तथा आदेशपाल) के पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार विज्ञापन संख्या 04/2022 के अंतर्गत आयोजित इस परीक्षा के स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के संयुक्त आदेश (ज्ञापांक 10-0946/गो० दिनांक 11 मार्च 2026) के तहत परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

यह परीक्षा 15 मार्च को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़-भाड़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।अनुमंडल दंडाधिकारी बक्सर ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के आने की संभावना को देखते हुए विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का निर्देश जारी किया गया है।जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने पर रोक रहेगी।

यह प्रतिबंध परीक्षार्थियों के अभिभावकों और मीडिया कर्मियों पर भी लागू होगा। हालांकि ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिस कर्मी और संबंधित कर्मचारी इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।इसके अलावा प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के घातक हथियार या आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह नियम केवल ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल पर लागू नहीं होगा। साथ ही इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन पर भी रोक रहेगी। हालांकि धार्मिक कार्यक्रम, शवयात्रा और शादी-विवाह जैसे पारंपरिक आयोजनों को इससे छूट दी गई है।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो।

इसके अतिरिक्त प्रतिबंधित क्षेत्र में धूम्रपान करना भी निषिद्ध किया गया है।विधि-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए 15 मार्च को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती का अनुरोध किया गया है। बक्सर नगर, औद्योगिक तथा मुफस्सिल थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं पुलिस बल के साथ उपस्थित रहकर प्रशासन को सहयोग करेंगे। वहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।प्रशासन ने परीक्षार्थियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।