एआई वीडियो विवाद ने डुमरांव की राजनीति में बढ़ाई हलचल, सत्तापक्ष–विपक्ष आमने-सामने

कांग्रेस द्वारा हाल ही में जारी एक एआई जनरेटेड वीडियो को लेकर डुमरांव की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। मामला केवल तकनीक के उपयोग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे राष्ट्रीय राजनीति और विदेश नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

एआई वीडियो विवाद ने डुमरांव की राजनीति में बढ़ाई हलचल, सत्तापक्ष–विपक्ष आमने-सामने

केटी न्यूज/डुमरांव

कांग्रेस द्वारा हाल ही में जारी एक एआई जनरेटेड वीडियो को लेकर डुमरांव की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। मामला केवल तकनीक के उपयोग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे राष्ट्रीय राजनीति और विदेश नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जारी इस एआई वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है।

वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि भारत की नीतियों पर विदेशी दबाव का असर पड़ रहा है। वीडियो के वायरल होते ही इसे लेकर अलग–अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजित कुमार सिंह ने वीडियो साझा करते हुए इसे मौजूदा राजनीतिक हालात से जोड़कर देखा और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद स्थानीय स्तर पर बहस और तेज हो गई। समर्थकों का कहना है कि वीडियो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है, जबकि विरोधियों ने इसे भ्रामक और आपत्तिजनक बताया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से राजनीतिक संदेश अधिक प्रभावशाली हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही विवादों की संभावना भी बढ़ रही है। डुमरांव में यह मुद्दा अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहकर व्यापक राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर सत्तापक्ष और विपक्ष के रुख से स्थानीय राजनीति की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही