केसठ प्रखंड में मां सरस्वती के पट खुलते ही गूंजा क्षेत्र, सुरक्षा को ले रहे पुख्ते इंतजाम

शुक्रवार को केसठ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमाओं का पट श्रद्धा, उल्लास और जयकारों के बीच विधिवत रूप से खोला गया। जैसे ही प्रतिमाओं का पट खुला, पूरा क्षेत्र जय मां सरस्वती के जयकारों से गूंज उठा। गांव गांव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूजा स्थलों पर भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

केसठ प्रखंड में मां सरस्वती के पट खुलते ही गूंजा क्षेत्र, सुरक्षा को ले रहे पुख्ते इंतजाम

केटी न्यूज/केसठ। 

शुक्रवार को केसठ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमाओं का पट श्रद्धा, उल्लास और जयकारों के बीच विधिवत रूप से खोला गया। जैसे ही प्रतिमाओं का पट खुला, पूरा क्षेत्र जय मां सरस्वती के जयकारों से गूंज उठा। गांव गांव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूजा स्थलों पर भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। प्रखंड क्षेत्र के दसियांव, केसठ बाजार, कतिकनार, नवानगर मार्ग से सटे गांवों समेत कई स्थानों पर स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमाओं का वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और ढोल नगाड़ों के साथ पट खोला गया।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर मां से विद्या, बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद मांगा। खासकर बच्चों और छात्र छात्राओं में पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। छोटे छोटे बच्चे किताब कॉपी लेकर मां सरस्वती के चरणों में नमन करते नजर आए। शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पूजा पंडालों और प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल और दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार भ्रमणशील रही, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या अफवाह की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजकों को निर्धारित गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश भी दिया।

पूजा समितियों की ओर से साफ सफाई, बिजली, पेयजल और भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था की गई थी। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है, जिसमें स्थानीय कलाकार भाग लेंगे। आयोजकों ने बताया कि पूजा के बाद प्रसाद वितरण और आगामी दिनों में विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा। क्षेत्र में मां सरस्वती के पट खुलने के साथ ही भक्तिमय वातावरण बन गया और प्रशासनिक सतर्कता के बीच श्रद्धा और अनुशासन का सुंदर समन्वय देखने को मिला।