अनुसूचित जाति बस्ती के बच्चों में पाठ्य सामग्री बांट मनाई गई स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद केसरी की पुण्यतिथि
डुमरांव के सफाखाना रोड स्थित अनुसूचित जाति बस्ती में महान समाजसेवी स्व.द्वारिका प्रसाद केसरी की 23वीं पुण्यतिथि पूरे श्रद्धा, सम्मान और सेवा-भाव के साथ मनाई गई। यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का जीवंत उदाहरण भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने स्वर्गीय केसरी को “गरीबों का मसीहा” बताते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के उत्थान को समर्पित रहा।
-- 23 वीं पूण्यतिथि पर परिजनों ने 151 बच्चों को शिक्षा कीट बांट विखेरी मुस्कान
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव के सफाखाना रोड स्थित अनुसूचित जाति बस्ती में महान समाजसेवी स्व.द्वारिका प्रसाद केसरी की 23वीं पुण्यतिथि पूरे श्रद्धा, सम्मान और सेवा-भाव के साथ मनाई गई। यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का जीवंत उदाहरण भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने स्वर्गीय केसरी को “गरीबों का मसीहा” बताते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के उत्थान को समर्पित रहा।कार्यक्रम की शुरुआत नगर परिषद डुमरांव की पूर्व अध्यक्षा मीरा देवी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई।

दीप की लौ के साथ ही समाजसेवा, करुणा और मानवता के उन आदर्शों को भी नमन किया गया, जिन्हें स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद केसरी ने अपने कर्मों से स्थापित किया था। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों की सेवा की और शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत हथियार माना।पुण्यतिथि के अवसर पर सेवा का सबसे प्रेरक दृश्य तब देखने को मिला, जब स्वर्गीय केसरी के पुत्र अखिलेश केसरी ने 151 जरूरतमंद बच्चों के बीच स्कूल बैग, कॉपी, पेंसिल, पेन, रबर सहित अन्य पठन-पाठन सामग्री का वितरण किया।

बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में सपनों की चमक इस बात की गवाही दे रही थी कि शिक्षा के माध्यम से भविष्य को संवारने की यह पहल कितनी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों ने इसे स्वर्गीय केसरी के विचारों की सच्ची निरंतरता बताया।कार्यक्रम का आयोजन स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद केसरी स्मृति संस्थान की ओर से किया गया। संस्थान के सदस्यों ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल पुण्यतिथि मनाना नहीं, बल्कि सालभर समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि स्वर्गीय केसरी के सपनों का समाज साकार हो सके।

इस अवसर पर कृष्ण कुमार केसरी, विनोद केसरी, जितेंद्र कुमार, प्रदीप शरण, प्रमोद कुमार पाठक, जीतन यादव, विकास कुमार पाठक, मोहन गुप्ता, सोनू मिश्रा, वीरेंद्र यादव, राकेश कुमार, राजेंद्र केसरी, उज्जवल ठाकुर, कृष्ण रजक, दीनदयाल प्रसाद, राधेश्याम तिवारी, सर्विस पाठक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद केसरी की सामाजिक विरासत को सेवा, सहयोग और संवेदना के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।

