श्रमिकों की समस्याओं को लेकर चौसा एसटीपीएल में पूरे दिन हड़ताल

केटी न्यूज/चौसा चौसा स्थित एसटीपीएल परियोजना क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पूरे दिन हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान श्रमिकों ने काम बंद रखकर अपनी समस्याओं को लेकर प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराया। हड़ताल में परियोजना क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न निर्माण कंपनियों तथा उनके अधीन कार्यरत विक्रेताओं के मजदूर शामिल हुए।

श्रमिकों की समस्याओं को लेकर चौसा एसटीपीएल में पूरे दिन हड़ताल

श्रमिकों का कहना है कि परियोजना क्षेत्र में लंबे समय से कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं, जिनका समाधान नहीं किया जा रहा है। श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का पालन सही ढंग से नहीं हो रहा है। इसके अलावा अतिरिक्त कार्य अवधि का नियमानुसार भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। कई मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पाने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यूनियन के अनुसार कार्यस्थल पर मानक के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था का भी अभाव है, जिससे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। साथ ही अतिरिक्त कार्य अवधि को मूल कार्य अवधि में जोड़कर कार्य दिवस का नियम विरुद्ध निर्माण किया जा रहा है।

श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में भविष्य निधि की कटौती समय पर नहीं की जाती है तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना से संबंधित प्रावधानों का भी सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। लंबे समय से कार्यरत श्रमिकों को प्रवेश पास नवीनीकरण के नाम पर दोबारा नियुक्ति प्रक्रिया से गुजरने को मजबूर किया जाता है, जिससे उनकी सेवा अवधि प्रभावित होती है।

इसके अलावा कार्य समाप्ति के बाद श्रमिकों को मिलने वाले लाभों से भी वंचित किए जाने की शिकायत सामने आई है। श्रमिक संगठनों का कहना है कि श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी कई मामलों में उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

इन सभी समस्याओं को लेकर श्रमिकों ने दिनभर हड़ताल कर विरोध जताया और प्रबंधन से जल्द समाधान की मांग की। यूनियन ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की जाए, जिसमें परियोजना में कार्यरत निर्माण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हों। बैठक में श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा कर समस्याओं का नियमसम्मत और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

यूनियन का कहना है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान होता है तो इससे श्रमिकों की कार्य दक्षता बढ़ेगी और प्रबंधन तथा श्रमिकों के बीच संबंध भी मधुर बने।