डुमरांव नगर परिषद के विभागीय कार्यों की होगी जांच, एक अरब से अधिक की राशि पर उठे सवाल
नगर परिषद क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह ने नगर परिषद द्वारा कराए गए विभागीय कार्यों की जांच कराने की घोषणा की है। विधायक का आरोप है कि जिन कार्यों को टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाना चाहिए था, उन्हें जानबूझकर छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर विभागीय रूप से कराया गया, जिससे न केवल सरकारी नियमों की अनदेखी हुई बल्कि गुणवत्ता पर भी असर पड़ा।
__ विधायक राहुल कुमार सिंह का आरोप—टेंडर योग्य कार्यों को टुकड़ों में बांटकर कराया गया विभागीय कार्य
केटी न्यूज/डुमरांव।
नगर परिषद क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह ने नगर परिषद द्वारा कराए गए विभागीय कार्यों की जांच कराने की घोषणा की है। विधायक का आरोप है कि जिन कार्यों को टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाना चाहिए था, उन्हें जानबूझकर छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर विभागीय रूप से कराया गया, जिससे न केवल सरकारी नियमों की अनदेखी हुई बल्कि गुणवत्ता पर भी असर पड़ा।विधायक ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र, डुमरांव और इसके विस्तारित इलाकों में वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग एक अरब रुपये से अधिक के कार्य कराए गए हैं।

नियमानुसार 15 लाख रुपये तक के कार्य विभागीय कराए जा सकते हैं, लेकिन इससे अधिक राशि वाले कार्यों के लिए टेंडर अनिवार्य होता है। इसके बावजूद नगर परिषद ने सड़कों और अन्य विकास कार्यों को कई भागों में विभक्त कर विभागीय रूप से करा दिया।उन्होंने कहा कि यदि ये कार्य टेंडर के माध्यम से कराए जाते तो कम खर्च में बेहतर और टिकाऊ निर्माण संभव होता। वर्तमान स्थिति यह है कि एक ओर सड़क का निर्माण किया जा रहा है तो दूसरी ओर वही सड़क टूटने लगती है, जो निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।विधायक राहुल कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत मिलते ही वे एक्शन में आए और पूरे मामले की जांच कराने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि जांच में यह देखा जाएगा कि किन-किन कार्यों को नियमों के विरुद्ध विभागीय कराया गया और इसमें कौन-कौन जिम्मेदार हैं।उन्होंने यह भी कहा कि जनता के टैक्स का पैसा विकास के नाम पर बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। अगर जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।नगर परिषद के कार्यों की जांच की घोषणा के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि नगर परिषद द्वारा कराए गए कार्य नियमों के अनुसार थे या नहीं।

