आठ साल से जारी है गंगा संरक्षण की मिसाल, 336वें सप्ताह भी नहीं टूटा सफाई का संकल्प
गंगा संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में चौसा के युवाओं और समाजसेवियों का प्रयास लगातार रंग ला रहा है। मां गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के लिए पिछले कई वर्षों से चल रहा साप्ताहिक सफाई अभियान रविवार को अपने 336वें पड़ाव पर पहुंच गया।

__ चौसा बाजार घाट पर जुटे गंगा सेवक, श्रमदान कर लोगों को किया जागरूक
केटी न्यूज/चौसा
गंगा संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में चौसा के युवाओं और समाजसेवियों का प्रयास लगातार रंग ला रहा है। मां गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के लिए पिछले कई वर्षों से चल रहा साप्ताहिक सफाई अभियान रविवार को अपने 336वें पड़ाव पर पहुंच गया। इस अवसर पर चौसा बाजार घाट पर गंगा युवा समिति के सदस्यों ने श्रमदान कर घाट परिसर की सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया।समिति के सदस्यों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल घाटों की सफाई करना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण और नदी स्वच्छता के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना है। "हर रविवार गंगा पुकार, निर्मल गंगा संकल्प हमारा" के मूल मंत्र के साथ संचालित यह अभियान अब स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।

रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने घाट क्षेत्र से कचरा हटाया तथा आसपास मौजूद लोगों को गंगा तटों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है। ऐसे में इसकी स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।समिति ने लोगों से अपील की कि वे अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर सार्वजनिक स्थलों और नदी घाटों की सफाई में सहयोग करें। सामूहिक भागीदारी से ही स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त गंगा का सपना साकार हो सकता है।336वें सप्ताह के इस श्रमदान कार्यक्रम में भरत पांडेय, राधेश्याम चौधरी, श्रीराम चौधरी, मंगलदेव पासवान, लालजी चौधरी, रविश जायसवाल सहित कई गंगा सेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के प्रति लोगों का बढ़ता जुड़ाव इसके सामाजिक प्रभाव को भी रेखांकित कर रहा है।

