जमीन, आवास, रोजगार और शिक्षा-स्वास्थ्य की गारंटी दे सरकार : नवीन कुमार
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राज्यव्यापी आह्वान पर गुरुवार को डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में 24 घंटे का सामूहिक अनशन-सत्याग्रह शुरू हुआ। आंदोलन में बड़ी संख्या में महादलित, गरीब, भूमिहीन महिलाएं-पुरुष, छात्र और युवा शामिल हुए।

__ डुमरांव प्रखंड-अंचल कार्यालय पर खेग्रामस का 24 घंटे का सामूहिक अनशन सत्याग्रह शुरू, भूमिहीनों को पांच-पांच डिसमिल जमीन और बसे लोगों को बासगीत पर्चा देने की मांग
केटी न्यूज/डुमरांव।
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राज्यव्यापी आह्वान पर गुरुवार को डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में 24 घंटे का सामूहिक अनशन-सत्याग्रह शुरू हुआ। आंदोलन में बड़ी संख्या में महादलित, गरीब, भूमिहीन महिलाएं-पुरुष, छात्र और युवा शामिल हुए। आंदोलन का नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव नवीन कुमार, प्रखंड सचिव धर्मेंद्र सिंह, ललन राम, कन्हैया पासवान और अलख नारायण चौधरी ने किया।सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी बड़ी संख्या में गरीब परिवार जहां वर्षों से बसे हैं, वहां उन्हें बासगीत का पर्चा नहीं मिला है। उन्होंने इसे सरकार और प्रशासन की विफलता बताते हुए कहा कि गरीबों को उजाड़ने के बजाय उन्हें जमीन पर अधिकार और सम्मानजनक जीवन की गारंटी मिलनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बुलडोजर राज की दिशा में बढ़ रही है, जिसे गरीब किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।उन्होंने सभी भूमिहीन गरीब परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन और आवास देने तथा बलहा और तेतरी गांव में वर्षों से बसे मुसहर एवं महादलित परिवारों को पीपीएच एक्ट 1947 के तहत बासगीत पर्चा देने की मांग की। बलहा में बेदखल जोत जमीन के पर्चाधारियों को न्यायालय के आदेश के बावजूद जमीन पर दखल नहीं दिलाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने डुमरांव अंचल प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।नवीन कुमार ने ग्रामीण गरीबों को रोजगार की गारंटी, उचित मजदूरी और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व सम्मान के लिए कानून बनाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि सभी गरीब परिवारों का नाम राशन सूची में जोड़कर राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाए तथा सरकारी स्कूलों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाए।

आंदोलनकारियों ने पानी और सफाई के नाम पर गांव के गरीबों से होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद करने, माइक्रोफाइनेंस और बैंक ऋण से दबे गरीब महिलाओं को राहत देने, बकाया बिजली बिल माफ करने तथा रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही बढ़ते अपराध, हत्या, लूट, हिंसा और नफरत पर नियंत्रण तथा प्रखंड कार्यालय में कथित मनमानी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।सामूहिक अनशन पर ललन राम, कन्हैया पासवान, सर्वेश कुमार पांडेय, धनई राम, चंद्रेश सिंह, शिवजी राजभर और शंकर राय सहित अन्य लोग बैठे। मौके पर भगवान दास, जाबिर कुरैशी, ऊषा देवी, राजा अंसारी, राधेश्याम शर्मा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

