यादव मोड़ की सड़क पर पानी का पहरा, नाली के अभाव में रोज जूझ रहे राहगीर
चौसा यादव मोड़ स्थित पशु मेला के समीप मुख्य सड़क इन दिनों जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रही है। बारिश के बाद सड़क पर घंटों जमा रहने वाला पानी राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। जलजमाव के बीच जगह-जगह बने गड्ढों ने आवागमन को और मुश्किल कर दिया है।

___बारिश में सड़क बनी तालाब, गड्ढों और कीचड़ ने बढ़ाई दुर्घटना की आशंका; स्थायी जलनिकासी की मांग
केटी न्यूज/चौसा।
चौसा यादव मोड़ स्थित पशु मेला के समीप मुख्य सड़क इन दिनों जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रही है। बारिश के बाद सड़क पर घंटों जमा रहने वाला पानी राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। जलजमाव के बीच जगह-जगह बने गड्ढों ने आवागमन को और मुश्किल कर दिया है। स्थिति ऐसी है कि सड़क और जलभराव का फर्क करना भी मुश्किल हो रहा है।यादव मोड़ क्षेत्र की यह सड़क चौसा के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के अलावा स्कूली वाहन, एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाएं इसी रास्ते से गुजरती हैं। बावजूद इसके जलनिकासी के लिए समुचित नाली की व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर ही ठहर जाता है। पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना राहगीरों की मजबूरी बन गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जलजमाव के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क के और क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी बढ़ गई है।ग्रामीण संतोष, विष्णु, रोहित कुमार और अनुज समेत अन्य लोगों ने बताया कि जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक ठोस पहल नहीं हुई। हर बरसात में समस्या दोहराती है और लोगों की परेशानी बढ़ती जाती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से यादव मोड़ पर तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने के साथ स्थायी नाली निर्माण की मांग की है, ताकि बरसात में मुख्य सड़क को जलजमाव से मुक्ति मिल सके।

