मझवारी के मस्जिद में पाकिस्तानियों के आने की सूचना पर मचा हड़कंप, पुलिस जांच में फर्जी निकाल मामला
सिमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मंझवारी पंचायत के मझवारी गांव में रविवार को फैली एक सनसनीखेज अफवाह ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके को तनाव के माहौल में झोंक दिया। गांव की एक मस्जिद में अंतर्राष्ट्रीय गिरोह (पाकिस्तानियों) के लोगों को शरण दिए जाने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी की, लेकिन गहन जांच के बाद यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक साबित हुआ।
-- अंतरराष्ट्रीय गिरोह को शरण देने की अफवाह निकली बेबुनियाद, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी
केटी न्यूज/सिमरी
सिमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मंझवारी पंचायत के मझवारी गांव में रविवार को फैली एक सनसनीखेज अफवाह ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके को तनाव के माहौल में झोंक दिया। गांव की एक मस्जिद में अंतर्राष्ट्रीय गिरोह (पाकिस्तानियों) के लोगों को शरण दिए जाने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी की, लेकिन गहन जांच के बाद यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक साबित हुआ। पुलिस को मस्जिद परिसर से न तो कोई संदिग्ध व्यक्ति मिला और न ही किसी तरह की आपत्तिजनक सामग्री या गतिविधि के साक्ष्य।

दरअसल, दोपहर के समय पुलिस को सूचना मिली थी कि मझवारी गांव की मस्जिद में कुछ बाहरी और संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं, जिनका संबंध किसी अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से बताया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए गांव में पहुंचकर मस्जिद और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से कुछ समय के लिए गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। मौके पर सिमरी के अलावे तिलक राय के हाता व नया भोजपुर थाने की पुलिस टीम पहुंच गई थी।

हालांकि, जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, अफवाह की परतें खुलती चली गईं। तलाशी के दौरान मस्जिद में मौजूद सभी लोगों की पहचान की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वहां मौजूद लोग सिमरी प्रखंड के ही दो-तीन गांवों के निवासी थे, जो नियमित धार्मिक गतिविधियों (जमात) के लिए मस्जिद में एकत्र हुए थे। पुलिस को न तो कोई बाहरी व्यक्ति मिला और न ही ऐसा कोई तथ्य, जिससे अंतर्राष्ट्रीय गिरोह की मौजूदगी की पुष्टि हो सके।

मंझवारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सलीम अंसारी ने बताया कि गांव के कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर यह झूठी सूचना फैलाई गई थी। उनका कहना था कि इस तरह की अफवाहें गांव के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने और आपसी भाईचारे में दरार डालने के उद्देश्य से फैलाई जाती हैं। उन्होंने पुलिस की निष्पक्ष जांच की सराहना करते हुए मांग की कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हिमाकत न कर सके।

जांच में शामिल पुलिस पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी थी, लेकिन जांच में आरोप निराधार पाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद एक धार्मिक स्थल है और वहां किसी तरह की अवैध या संदिग्ध गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि झूठी सूचना किसने और किस मकसद से दी, ताकि संबंधित लोगों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई की जा सके।

पुलिस प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अफवाह फैलाना न सिर्फ सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर कराएं।

घटना के बाद गांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पुलिस की समझदारी और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी गलतफहमी समय रहते दूर हो गई। ग्रामीणों ने भी शांति बनाए रखने का भरोसा जताया है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि अफवाहें कितनी तेजी से माहौल को बिगाड़ सकती हैं और उनसे निपटने के लिए सतर्कता व जिम्मेदारी कितनी जरूरी है।
बयान
सिमरी के मझवारी गांव स्थित एक मस्जिद में विदेशियों के शरण लेने की सूचना पर पुलिस टीम को जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन जांच में आरोप फर्जी निकला, मस्जिद में मौजूद सभी लोग स्थानीय निकले। - पोलस्त कुमार, एसडीपीओ, डुमरांव
