ज्येष्ठ पूर्णिमा पर केसठ में श्रद्धा व उल्लास के साथ हुई मां काली की पूजा, भक्तों की उमड़ी भीड़

प्रखंड के केसठ गांव स्थित मां काली मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मां काली की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद शुद्ध घी से पुआ, गुलौरा सहित विभिन्न प्रसाद तैयार किए और पूजा की थाल सजाकर मंदिर पहुंचीं।

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर केसठ में श्रद्धा व उल्लास के साथ हुई मां काली की पूजा, भक्तों की उमड़ी भीड़

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड के केसठ गांव स्थित मां काली मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मां काली की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद शुद्ध घी से पुआ, गुलौरा सहित विभिन्न प्रसाद तैयार किए और पूजा की थाल सजाकर मंदिर पहुंचीं। वहां विधि-विधान से मां काली की पूजा कर परिवार एवं गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने दूध का कराह भी चढ़ाया।पूजा-अर्चना में केसठ पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार यादव उर्फ गामा पहलवान भी शामिल हुए। उन्होंने मां काली के दरबार में मत्था टेककर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का कार्य करते हैं।मंदिर परिसर को फूल-मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरे दिन मेले जैसा माहौल बना रहा। आयोजन समिति ने सुबह से ही साफ-सफाई एवं श्रद्धालुओं की सुविधा की समुचित व्यवस्था की थी।ग्रामीणों ने बताया कि मां काली की यह विशेष पूजा प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा को होती है। पूर्णिमा से पूर्व सात दिनों तक श्रद्धालु प्रतिदिन जल अर्पित करते हैं और अंतिम दिन पूरे विधि-विधान के साथ विशेष पूजा संपन्न होती है। स्थानीय मान्यता है कि इस पूजा से गांव में रोग, दुख और संकट दूर रहते हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूरे दिन गांव का वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।