विद्युत प्रवाहित बिजली पोल की चपेट में आने से युवक मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

प्रखंड क्षेत्र के जमुवाटोला गांव में मंगलवार को घर के पास काम करने के दौरान बिजली पोल की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान जमुवाटोला निवासी 23 वर्षीय गोलू कुमार , पिता राम अवधेश सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा रहा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

विद्युत प्रवाहित बिजली पोल की चपेट में आने से युवक मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड क्षेत्र के जमुवाटोला गांव में मंगलवार को घर के पास काम करने के दौरान बिजली पोल की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान जमुवाटोला निवासी 23 वर्षीय गोलू कुमार , पिता राम अवधेश सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा रहा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।बताया जाता है कि मृतक घर के पास काम कर रहा था। इसी दौरान वह विद्युत प्रवाहित बिजली पोल की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने नवानगर पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

__ परिवार का इकलौता सहारा था गोलू

मृतक पिकअप वाहन चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। मृतक के परिवार में पत्नी पूजा कुमारी और महज छह माह की एक बच्ची है। इसके अलावा छोटा भाई पवन कुमार 17 वर्ष तथा माता मुटेशा देवी हैं।युवक की मौत की खबर मिलते ही पत्नी  और मां  दहाड़ मारकर रोने लगीं। पत्नी बार-बार पति को याद कर बेसुध हो रही थी। वहीं मां बेटे के शव से लिपटकर रोते हुए कह रही थीं कि अब परिवार का सहारा कौन बनेगा। छह माह की मासूम बच्ची को देखकर परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।

__ मुखिया ने परिजनों को दिया भरोसा

घटना की जानकारी मिलने पर पंचायत मुखिया अरविंद कुमार यादव उर्फ गामा पहलवान और उपमुखिया अमितेश कुमार गुप्ता ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुखिया ने परिवार को आर्थिक सहयोग भी किया तथा सरकारी प्रावधान के तहत मिलने वाले मुआवजे का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

__ छह माह की मासूम बच्ची के भविष्य का कौन बनेगा सहारा?

गोलू की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल उसकी महज छह माह की मासूम बच्ची जिसने अभी पिता के प्यार को नहीं जाना,भविष्य को लेकर खड़ा हो गया है। जिस पिता की उंगली पकड़कर उसे जीवन की राह पर आगे बढ़ना था, वह पिता अब हमेशा के लिए उससे दूर चला गया। परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के कारण मृतक की मौत ने पत्नी, मां मुटेशा देवी और पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। अब छह माह की मासूम के पालन-पोषण और पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

__ पत्थर निगाहों से पिता देख रहे थे बेटे का शव

बेटे की मौत के बाद पिता की आंखों के सामने मानो अंधेरा छा गया। सामने बेटे  का शव पड़ा था, लेकिन गम के मारे उनकी आंखों से आंसू तक नहीं निकल रहे थे। वह  पत्थर निगाहों से बेटे के शव को निहारते रहे। कभी शव को देखते तो कभी आसपास खड़े लोगों को, जैसे उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा था कि उनका कमाऊ बेटा उन्हें हमेशा के लिए छोड़कर चला गया है। बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।