रक्त की एक बूंद, जीवन की डोर: ‘जलपुत्र’ अजय राय फिर बने किसी के लिए फरिश्ता

डुमरांव की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी दुनिया में एक नाम बार-बार उम्मीद की तरह उभरता है, अजय राय। ‘जलपुत्र’ के नाम से विख्यात युवा सामाजिक कार्यकर्ता अजय राय ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए रक्तदान कर एक जरूरतमंद मरीज की जान बचाई है।

रक्त की एक बूंद, जीवन की डोर: ‘जलपुत्र’ अजय राय फिर बने किसी के लिए फरिश्ता

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी दुनिया में एक नाम बार-बार उम्मीद की तरह उभरता है, अजय राय। ‘जलपुत्र’ के नाम से विख्यात युवा सामाजिक कार्यकर्ता अजय राय ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए रक्तदान कर एक जरूरतमंद मरीज की जान बचाई है।मामला नगर के वार्ड संख्या 25 का है। पार्षद बड़े टिंकू सिन्हा से सूचना मिली कि उनके मोहल्ले के निवासी अरुण कुमार श्रीवास्तव (55 वर्ष) गंभीर स्थिति में हैं और उन्हें तत्काल एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता है।

अस्पताल में परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी और समय तेजी से निकल रहा था। ऐसे नाजुक क्षण में अजय राय ने बिना देर किए आगे आकर रक्तदान करने का निर्णय लिया।जैसे ही रक्त की व्यवस्था हुई, परिजनों के चेहरे पर राहत की लकीरें साफ दिखाई देने लगीं। चिकित्सकों ने भी समय पर रक्त उपलब्ध होने को उपचार की दृष्टि से बेहद अहम बताया। अजय का यह कदम न केवल एक जीवन बचाने में सहायक बना, बल्कि समाज के सामने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब अजय राय ने रक्तदान किया हो। इससे पहले भी वे कई जरूरतमंदों के लिए रक्तदान कर चुके हैं।

उनका मानना है कि “रक्तदान महादान है, इससे बड़ा कोई दान नहीं।” वे युवाओं से अपील करते हैं कि वे आगे आएं और नियमित रूप से रक्तदान कर मानव जीवन बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनें।अजय राय जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। शहर में तालाबों की सफाई, जलस्रोतों के संरक्षण और जागरूकता अभियानों के कारण ही उन्हें ‘जलपुत्र’ की उपाधि मिली है।एक ओर जहां समाज में स्वार्थ और उदासीनता की चर्चा होती है, वहीं अजय जैसे युवा यह साबित कर रहे हैं कि संवेदना अब भी जिंदा है। उनकी यह पहल न केवल एक परिवार के लिए राहत बनी, बल्कि पूरे डुमरांव के लिए प्रेरणा का संदेश भी छोड़ गई।