तेज रफ्तार अज्ञात स्कॉर्पियो की टक्कर से चारा लेकर सड़क पार कर रहे किसान की मौत, शव रखकर ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम
जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र में सोमवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। साहोपाड़ा गांव निवासी 40 वर्षीय किसान मुकेश पांडेय की तेज रफ्तार अज्ञात स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एन एच-922) पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।


__पुलिस के आश्वासन के बाद भी देर रात तक बना रहा तनाव, तीन घंटे तक थमा रहा परिचालन
केटी न्यूज/बक्सर
जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र में सोमवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। साहोपाड़ा गांव निवासी 40 वर्षीय किसान मुकेश पांडेय की तेज रफ्तार अज्ञात स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एन एच-922) पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। टायर जलाकर और बांस-बल्ला लगाकर करीब तीन घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रखा गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।जानकारी के अनुसार मुकेश पांडेय सोमवार की देर शाम मवेशियों के लिए चारा लेकर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान आरा की ओर से तेज गति से आ रही एक अज्ञात स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बिना देर किए उन्हें ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।मृतक के पिता का नाम फूलचंद्र पांडेय है। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। परिवार के मुखिया की असमय मौत से पूरे घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल तथा घटनास्थल पर पहुंच गए।हादसे से नाराज ग्रामीणों ने मृतक के शव को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाए और बांस-बल्ला लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया। उनका कहना था कि लगातार तेज रफ्तार वाहनों के कारण इस मार्ग पर हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।

ग्रामीण मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, दोषी वाहन चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और सड़क सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग पर अड़े रहे।सूचना मिलने पर औद्योगिक थानाध्यक्ष सुरेश कुमार भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे। प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद देर रात तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। समाचार लिखे जाने तक रात लगभग 10 बजे तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी हुई थी।मृतक के भतीजे तेज नारायण पांडेय ने कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने दोषी वाहन चालक की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

चुरामनपुर निवासी हरि श्रीवास्तव ने बताया कि मुकेश पांडेय बेहद मिलनसार और मेहनती किसान थे, जिनकी मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। वहीं गांव के युवक अमित पांडेय ने हादसे के लिए तेज रफ्तार स्कॉर्पियो को जिम्मेदार ठहराया। प्रत्यक्षदर्शी सोनू कुमार ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद उन्होंने घायल मुकेश पांडेय को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।पुलिस ने अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

