सावन सप्तमी पर डुमरांव में आस्था का सैलाब, मां काली के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन सप्तमी के अवसर पर डुमरांव पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। नगर स्थित पंचित काली मंदिर में आयोजित वार्षिक पूजनोत्सव में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर और आसपास का इलाका श्रद्धालुओं से पटा रहा।


__ अहले सुबह से मंदिरों में लगी कतारें, महाआरती में गूंजा जय मां काली का जयघोष; सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
केटी न्यूज/डुमरांव।
सावन सप्तमी के अवसर पर डुमरांव पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। नगर स्थित पंचित काली मंदिर में आयोजित वार्षिक पूजनोत्सव में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर और आसपास का इलाका श्रद्धालुओं से पटा रहा। अहले सुबह करीब चार बजे से ही मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़ती गई और शाम तक पूरा आयोजन धार्मिक मेले के रूप में बदल गया।श्रद्धालुओं ने मां काली के दरबार में जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रही। वार्षिक पूजनोत्सव को लेकर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।

फूलों और रोशनी से सजे मंदिर की भव्यता श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।पूरे दिन तीनों पहर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां की आरती हुई। शाम की महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती शुरू होते ही पूरा वातावरण ‘जय मां काली’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण मंदिर तक पहुंचने में लोगों को काफी समय लगा। चौक रोड और शक्ति द्वार से मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर छोटे-बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

__सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के प्रमुख मार्गों तक पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के माध्यम से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। एसडीएम राजीव कुमार, एएसपी पोलस्त कुमार, थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा समेत पुलिस पदाधिकारी लगातार व्यवस्था का जायजा लेते रहे। पुलिस लाइन और अन्य थानों से भी जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया था।

__ राजगढ़ के मंदिरों में भी उमड़ी भीड़
पंचित काली मंदिर के अलावा डुमरांव राजगढ़ स्थित विशाल नव दुर्गा मंदिर में भी वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया था। पूजा समिति के अध्यक्ष के अनुसार सुबह से दोपहर 12 बजे तक जलाभिषेक कराया गया, जबकि रात करीब नौ बजे महाआरती हुई। मंदिर के पुजारी ललन मिश्र ने बताया कि मां काली का यह मंदिर लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।मान्यता के अनुसार करीब 110 वर्ष पूर्व कांव नदी के किनारे बहेलिया समाज द्वारा मंदिर की स्थापना छोटे स्वरूप में की गई थी। बाद में इसका विस्तार कर भव्य मंदिर का रूप दिया गया। सावन में यहां एक विशेष परंपरा भी निभाई जाती है। महिलाएं गेहूं के आटे से कच्ची रोटी बनाकर उसमें सात लौंग लगाती हैं और उसे मां को प्रसाद के रूप में अर्पित करती हैं। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

राजगढ़ चौक स्थित श्री महाकाली शक्ति दरबार मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। पुजारी सिद्धेश्वर मिश्र ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। समाजसेवी पन्नालाल जायसवाल समेत कई लोग आयोजन की व्यवस्था में सक्रिय रहे।पूरे आयोजन के दौरान अध्यक्ष भगवान जी वर्मा, दिलीप यादव, अशोक चंद्रवंशी, संतोष गुप्ता, सुजीत कुमार, रोहित केशरी, सुमित कुमार, दिलीप वर्मा, अनुराग चौरसिया, बंधन कुमार, लव कुमार, विक्की यादव, कुंदन कुमार, पंचम जायसवाल, राजेश माली सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सावन सप्तमी का यह आयोजन डुमरांव की धार्मिक आस्था, लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप बनकर सामने आया।

