राजपुर में बारिश से बचने गए किशोर पर गिरी बिजली, परिवार का इकलौता सहारा छिन गया

शनिवार की शाम आई तेज आंधी और बारिश ने राजपुर प्रखंड के जमौली गांव में ऐसा कहर बरपाया कि एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। बारिश से बचने के लिए जिस पेड़ की छांव को सुरक्षित समझकर 13 वर्षीय आशीष कुमार वहां खड़ा हुआ, वही स्थान उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया।

राजपुर में बारिश से बचने गए किशोर पर गिरी बिजली, परिवार का इकलौता सहारा छिन गया

__ तेज आंधी-बारिश के बीच पेड़ के नीचे खड़े तीन लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आए, 13 वर्षीय आशीष की मौत, दो गंभीर रूप से झुलसे

केटी न्यूज/राजपुर

शनिवार की शाम आई तेज आंधी और बारिश ने राजपुर प्रखंड के जमौली गांव में ऐसा कहर बरपाया कि एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। बारिश से बचने के लिए जिस पेड़ की छांव को सुरक्षित समझकर 13 वर्षीय आशीष कुमार वहां खड़ा हुआ, वही स्थान उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए।घटना राजपुर थाना क्षेत्र की देवढ़िया पंचायत अंतर्गत जमौली गांव के बधार में हुई। मृतक आशीष कुमार गांव निवासी सत्येंद्र चौहान का पुत्र था।

हादसे में योगेश कुमार (25) और शैल कुंवर (55) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है।ग्रामीणों के अनुसार शनिवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। उसी दौरान खेतों के पास मौजूद आशीष, भैंस चरा रहे योगेश कुमार और शैल कुंवर खुद को बचाने के लिए एक बड़े पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। कुछ ही मिनट बाद तेज गर्जना के साथ बिजली सीधे पेड़ पर आ गिरी और तीनों उसकी चपेट में आ गए।भयावह आवाज सुनते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। तीनों को तत्काल राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया।

हालांकि सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने आशीष कुमार को मृत घोषित कर दिया।हादसे की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। रोते-बिलखते परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे मुखिया प्रतिनिधि संजय सिंह ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत मद से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की।आशीष की असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। जिस मासूम ने बारिश से बचने के लिए पेड़ का सहारा लिया था, उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि प्रकृति का वही पल उसकी जिंदगी छीन लेगा। गांव में हर आंख नम है और हर जुबान पर इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है।