सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 13 केंद्रों पर चार पालियों में 21 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की विज्ञापन संख्या 03/2025 के तहत मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।


__ 14 और 17 जून को होगी लिखित परीक्षा, केंद्रों के 200 मीटर दायरे में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू, मोबाइल-घड़ी समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक
केटी न्यूज/बक्सर
केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की विज्ञापन संख्या 03/2025 के तहत मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य की संयुक्त अध्यक्षता में अधिकारियों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग की गई।भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्यभर में कुल 4236 पदों पर चयन किया जाना है। बक्सर जिले में यह परीक्षा 14 जून और 17 जून को दो-दो पालियों में आयोजित होगी।पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी।

परीक्षा की अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है।जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर 14 जून को दोनों पालियों में कुल 5328-5328 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जबकि 17 जून को पहली पाली में 5328 और दूसरी पाली में 5358 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस प्रकार दोनों दिनों में कुल 21 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से दो घंटे पहले प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। पहली पाली के लिए सुबह 8 बजे से 9 बजे तक तथा दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक सघन तलाशी के बाद प्रवेश मिलेगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को पेन लाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा कक्ष में ही पेन उपलब्ध कराया जाएगा।जिलाधिकारी ने सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया कि बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम-2024 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

परीक्षा कक्षों के श्यामपट्ट पर कदाचार से संबंधित कानूनी प्रावधान अंकित कराए जाएंगे तथा वीक्षकों के माध्यम से अभ्यर्थियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ उपकरण, वाई-फाई युक्त यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, सामान्य अथवा स्मार्ट घड़ी, व्हाइटनर, रबर और ब्लेड जैसी सामग्रियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बिना फोटोयुक्त पहचान पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा।परीक्षा कार्य में लगे केंद्राधीक्षक, वीक्षक, दंडाधिकारी, पुलिस बल, परिचारी तथा बायोमेट्रिक, सीसीटीवी और जैमर संचालन से जुड़े कर्मियों को भी परीक्षा अवधि के दौरान मोबाइल रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए केंद्रों पर सुरक्षित व्यवस्था की जाएगी।प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक 500 अभ्यर्थियों पर एक स्थायी दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की है।

अधिक संख्या वाले केंद्रों पर अतिरिक्त दंडाधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी प्रेक्षक के रूप में लगातार निगरानी करेंगे।समाहरणालय स्थित जिला नियंत्रण कक्ष को सक्रिय किया गया है। इसका दूरभाष संख्या 06183-222154 जारी किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दायित्व डीआरडीए निदेशक प्रशांत कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कविप्रिया को सौंपा गया है।रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर संभावित भीड़ को देखते हुए वहां भी दंडाधिकारियों और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। परीक्षार्थियों को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।प्रशासन ने होटल, लॉज और अन्य ठहराव स्थलों पर भी निगरानी रखने का निर्देश दिया है ताकि प्रतिरूपण या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

सामाजिक माध्यमों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। साइबर थाना और साइबर सेनानी व्हाट्सएप समूह के माध्यम से निगरानी करते हुए आपत्तिजनक अथवा भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई होगी।परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेगा। परीक्षा समाप्त होने तक केंद्रों के आसपास की फोटोस्टेट दुकानों को भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है।निर्बाध विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस और चिकित्सकीय दल की भी विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक चार-पांच परीक्षा केंद्रों पर एक उड़नदस्ता तैनात रहेगा, जो औचक निरीक्षण कर कदाचार में लिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई करेगा।प्रशासन ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि परीक्षा का संचालन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सख्ती के साथ कराया जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

