कटनी के बाद फसल अवशेष में लगी आग बनी कहर, छह बीघा गेहूं जलकर राख
स्थानीय प्रखंड के दुबौली बहुआरा की बधार में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आठ किसानों की करीब छह बीघा में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना ने एक बार फिर कटनी के बाद खेतों में छोड़े गए अवशेष और लापरवाही से आग लगाने के खतरों को उजागर कर दिया है। किसानों के अनुसार, पास के एक खेत में हार्वेस्टर से कटनी के बाद बचे फसल अवशेष में किसी ने आग लगा दी गई थी। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती हुई आसपास के खेतों तक पहुंच गई और खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में स्थिति भयावह हो गई। हालांकि, मौके पर पहुंचे आसपास के किसानों ने एकजुट होकर घंटों मशक्कत की और किसी तरह आग पर काबू पाया।
केटी न्यूज/नावानगर
स्थानीय प्रखंड के दुबौली बहुआरा की बधार में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आठ किसानों की करीब छह बीघा में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना ने एक बार फिर कटनी के बाद खेतों में छोड़े गए अवशेष और लापरवाही से आग लगाने के खतरों को उजागर कर दिया है। किसानों के अनुसार, पास के एक खेत में हार्वेस्टर से कटनी के बाद बचे फसल अवशेष में किसी ने आग लगा दी गई थी। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती हुई आसपास के खेतों तक पहुंच गई और खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में स्थिति भयावह हो गई। हालांकि, मौके पर पहुंचे आसपास के किसानों ने एकजुट होकर घंटों मशक्कत की और किसी तरह आग पर काबू पाया। उनकी तत्परता के कारण सैकड़ों बीघा में लगी अन्य फसलों को जलने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा नुकसान टल गया।

इस अगलगी में दुबौली, भदार और अतिमी बिंदटोली के कुल आठ किसानों को नुकसान हुआ है। इनमें कमलेश मिश्रा और मनोज बिंद की सवा-सवा बीघा, जबकि अन्य किसानों की 5 से 10 कट्ठा तक फसल जल गई। किसानों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि यह उनकी सालभर की मेहनत का परिणाम था। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और थाना को दे दी गई है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग करते हुए ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

