जर्जर हो चुके जंगलीनाथ मंदिर मार्ग पर ई-रिक्शा पलटा, घायलों की मदद के बजाय मोबाइल लेकर फरार हुए लोग

डुमरांव में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। जंगली शिव मंदिर जाने वाले मार्ग पर वर्षों से जर्जर सड़क और जलजमाव की समस्या ने रविवार को एक बड़ा हादसा करा दिया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और पानी भरे रास्ते के कारण एक ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया, जिससे आधा दर्जन लोग घायल हो गए।

जर्जर हो चुके जंगलीनाथ मंदिर मार्ग पर ई-रिक्शा पलटा,  घायलों की मदद के बजाय मोबाइल लेकर फरार हुए लोग

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। जंगली शिव मंदिर जाने वाले मार्ग पर वर्षों से जर्जर सड़क और जलजमाव की समस्या ने रविवार को एक बड़ा हादसा करा दिया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और पानी भरे रास्ते के कारण एक ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया, जिससे आधा दर्जन लोग घायल हो गए। हादसे में एक युवक का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि एक वृद्ध महिला समेत अन्य यात्रियों को भी चोटें आईं।जानकारी के अनुसार, डुमरांव निवासी आशीष कुमार राय अपने परिजनों और भांजे के साथ जंगली शिव मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे।

मंदिर से लगभग सौ मीटर पहले ही सड़क की बदहाल स्थिति ने दुर्घटना को जन्म दे दिया। ई-रिक्शा पलटते ही सभी यात्री सड़क पर जा गिरे और उनका सामान तथा मोबाइल पानी में बिखर गया।हादसे के बाद का दृश्य और भी चिंताजनक रहा। जहां घायल लोग दर्द से कराह रहे थे, वहीं मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाने के बजाय उनका सामान उठाने में दिलचस्पी दिखाई। आरोप है कि इस दौरान एक मोबाइल फोन गायब हो गया। परिजनों द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गई तो पहले फोन व्यस्त मिला और बाद में बंद हो गया। हालांकि अन्य मोबाइल किसी तरह बरामद कर लिए गए।

सबसे दुखद पहलू यह रहा कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों में से कोई भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आगे नहीं आया। अंततः स्वयं घायल आशीष कुमार राय ने साहस दिखाते हुए अपने परिजनों को दूसरे ई-रिक्शा पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाया।इस घटना ने न केवल सड़क और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मंदिर मार्ग की तत्काल मरम्मत और जलजमाव की स्थायी समस्या के समाधान की मांग की है।