मेहनत, लगन और हौसले से आनंद ने रचा इतिहास, पहले ही प्रयास में बने चार्टर्ड अकाउंटेंट
कहते हैं कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जिनके इरादे मजबूत और मेहनत लगातार होती है। इसी कहावत को सच साबित किया है डुमरांव नगर के वार्ड संख्या 22 स्थित हरिजी हाता निवासी आनंद अग्रवाल ने। महज 23 वर्ष की उम्र में आनंद ने सीए फाइनल परीक्षा 2026 को अपने प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण कर न सिर्फ अपने परिवार का मान बढ़ाया, बल्कि डुमरांव और पूरे क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।

__ डुमरांव के हरिजी हाता के लाल की उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी, 2019 से शुरू हुआ था सीए बनने का सफर
केटी न्यूज/डुमरांव।
कहते हैं कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जिनके इरादे मजबूत और मेहनत लगातार होती है। इसी कहावत को सच साबित किया है डुमरांव नगर के वार्ड संख्या 22 स्थित हरिजी हाता निवासी आनंद अग्रवाल ने। महज 23 वर्ष की उम्र में आनंद ने सीए फाइनल परीक्षा 2026 को अपने प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण कर न सिर्फ अपने परिवार का मान बढ़ाया, बल्कि डुमरांव और पूरे क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।आनंद अग्रवाल, संजय कुमार अग्रवाल एवं सरिता देवी के पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि के बाद घर में खुशी का माहौल है। माता-पिता, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने आनंद की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए इसे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया है।

आनंद का चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का सफर वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। उन्होंने सीए फाउंडेशन परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में सफलता के साथ पूरा किया। इसके बाद वर्ष 2021 में सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में टैक्सेशन विषय में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा सर्वोच्च स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।इसके बाद आनंद ने प्रतिष्ठित कंपनी ग्रांट थॉर्नटन, गुरुग्राम (हरियाणा) में तीन वर्षों तक आर्टिकलशिप पूरी की। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई और व्यावहारिक अनुभव दोनों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम रहा कि सीए फाइनल परीक्षा 2026 में भी उन्होंने पहली ही कोशिश में सफलता हासिल कर ली।

अपनी सफलता पर आनंद ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए परिस्थितियों से हार मानने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और परिवार का सहयोग व आशीर्वाद साथ हो तो सफलता जरूर मिलती है।आनंद की सफलता युवाओं और सीए बनने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे शहरों से निकलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं से नई पीढ़ी को सीख मिलती है कि संसाधनों की कमी के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर मुकाम हासिल किया जा सकता है।आनंद की इस उपलब्धि पर डुमरांव के लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

