खिलाफतपुर में लगा पशु स्वास्थ्य महाकुंभ, बांझपन उपचार से किसानों की बढ़ी उम्मीदें
प्रखंड के खिलाफतपुर गांव में पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशु स्वास्थ्य एवं बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हुआ, जहां दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहुंचे और विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान पाया।
--विशेषज्ञों की देखरेख में जांच, उपचार और जागरूकता—पशुपालकों को मिला आधुनिक पशुपालन का ज्ञान
केटी न्यूज/चौसा
प्रखंड के खिलाफतपुर गांव में पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशु स्वास्थ्य एवं बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हुआ, जहां दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहुंचे और विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान पाया।शिविर का मुख्य उद्देश्य पशुओं में बढ़ती बांझपन की समस्या को दूर कर उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाना था।

कार्यक्रम में पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार सिंह और डॉ. अजय प्रकाश यादव की देखरेख में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। पशुओं का गर्भ परीक्षण, बांझपन की पहचान, रोगों की जांच और आवश्यक उपचार मौके पर ही किया गया, जिससे पशुपालकों को तत्काल राहत मिली।इस दौरान चिकित्सकों ने आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने के उपाय भी बताए। उन्होंने समझाया कि सही समय पर जांच, संतुलित आहार और नियमित टीकाकरण से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि उनकी उत्पादकता भी बढ़ती है, जिससे पशुपालकों की आय में सीधा इजाफा होता है।

शिविर को सफल बनाने में पैरावेट स्टाफ अमित सिंह, अमृतेश और शत्रुधन सिंह की अहम भूमिका रही। उन्होंने पंजीकरण से लेकर दवा वितरण तक हर स्तर पर पशुपालकों की मदद की और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा।कार्यक्रम के अंत में डॉ. अजय प्रकाश यादव ने पशुपालकों से अपील की कि वे पशुओं के रख-रखाव में स्वच्छता, पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही देखभाल ही पशुपालन को एक मजबूत आय के स्रोत में बदल सकती है।यह शिविर न केवल इलाज का केंद्र बना, बल्कि ग्रामीणों के लिए सीख और जागरूकता का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ।

