आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं की परख, बक्सर में हुआ सामाजिक अंकेक्षण
समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार एवं आईसीडीएस निदेशालय पटना के निर्देश पर शनिवार को बक्सर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सभी प्रखंडों के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित सेवाओं और योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा की गई।


__ लाभार्थियों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय की भागीदारी से योजनाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
केटी न्यूज/बक्सर
समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार एवं आईसीडीएस निदेशालय पटना के निर्देश पर शनिवार को बक्सर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सभी प्रखंडों के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित सेवाओं और योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करना रहा।सामाजिक अंकेक्षण के दौरान केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी लाभार्थियों एवं स्थानीय समुदाय के सामने रखी गई। इसमें लाभार्थियों, जनप्रतिनिधियों, जीविका समूहों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं को भी दर्ज किया गया, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार किया जा सके।अंकेक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित विभिन्न सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पूरक पोषण आहार, पूर्व प्राथमिक शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं सहित अन्य योजनाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने केंद्रों पर उपलब्ध संसाधनों और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी जांच की।जिले के सभी प्रखंडों में बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों, महिला पर्यवेक्षिकाओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं के सहयोग से सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

अधिकारियों ने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण सरकार की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।इसके जरिए आम लोगों को योजनाओं की जानकारी मिलती है और उनकी भागीदारी से व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस बक्सर ने डुमरांव प्रखंड के नया भोजपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 180 और 25 पर पहुंचकर सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने केंद्रों पर संचालित गतिविधियों की जानकारी ली और उपस्थित लोगों से संवाद किया।उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से आमजन की सहभागिता बढ़ती है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित होता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सुझाव योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित होते हैं।जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से आंगनबाड़ी सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सुझावों और अभिमतों को संकलित किया गया है। विभाग इन सुझावों के आधार पर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में आगे की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बेहतर तरीके से पहुंच सके।

