तीन दिन में समाधान का भरोसा: सहयोग शिविर में शिकायतों के निष्पादन के लिए पांच दिन की समय सीमा तय
आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजपुर प्रखंड में मंगलवार को पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर सहयोग सह जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासन ने शिविर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के लिए पांच दिनों की समय सीमा निर्धारित करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

केटी न्यूज/राजपुर
आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजपुर प्रखंड में मंगलवार को पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर सहयोग सह जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासन ने शिविर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के लिए पांच दिनों की समय सीमा निर्धारित करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।प्रखंड मुख्यालय के साथ-साथ राजपुर, रसेन, मंगराव एवं खीरी पंचायतों में आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों की ओर से करीब 21 स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदन जमा किए।

राजपुर पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में मुखिया अनिल सिंह की मौजूदगी में विभिन्न विभागों के कर्मी पूरे दिन लोगों की शिकायतें सुनते और आवेदन प्राप्त करते रहे। वहीं रसेन पंचायत में मुखिया अजय राम के नेतृत्व में शिविर का संचालन किया गया।शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने पंचायत के तीन बीपीएल परिवारों को नए राशन कार्ड भी वितरित किए। एसडीएम ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिकतम समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है।उन्होंने लोगों से शिविर में पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

उन्होंने बताया कि प्रखंड मुख्यालय में आयोजित त्रि-दिवसीय शिविर में किसी भी पंचायत के लोग अपनी समस्याएं लेकर आ सकते हैं। साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया गया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन हर हाल में पांच दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।हालांकि पहले दिन शिविर में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना था कि कार्यक्रम की सूचना समय पर व्यापक स्तर पर नहीं पहुंच पाने के कारण कई जरूरतमंद लोग शिविर में शामिल नहीं हो सके।शिविर को सफल बनाने में प्रखंड विकास पदाधिकारी सिद्धार्थ कुमार, बीपीआरओ अभिषेक पाठक, बीएओ ऋषिकेश यादव, बीएचओ मुन्ना सिंह, बीसीओ पप्पू कुमार, दीपू कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही।

