साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है जागरूकता, छात्र-छात्राओं को दिए सुरक्षा के अहम मंत्र

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजपुर प्रखंड के राजपुर मॉडल प्लस टू विद्यालय तथा पीएम श्री जीएम उच्च विद्यालय, नागपुर में मंगलवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी देते हुए ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया गया।

साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है जागरूकता, छात्र-छात्राओं को दिए सुरक्षा के अहम मंत्र

केटी न्यूज/राजपुर :

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजपुर प्रखंड के राजपुर मॉडल प्लस टू विद्यालय तथा पीएम श्री जीएम उच्च विद्यालय, नागपुर में मंगलवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी देते हुए ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया गया।गोष्ठी की अध्यक्षता राजपुर मॉडल प्लस टू विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार पांडेय तथा नागपुर विद्यालय में प्रधानाध्यापक पंकज पांडेय ने की। मुख्य वक्ता डीसीएलआर शशिभूषण ने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का उपयोग करते समय थोड़ी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

उन्होंने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने या ओटीपी साझा करने से बचना चाहिए। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल में एम-कवच ऐप रखने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से आवाज बदलकर की जाने वाली धोखाधड़ी से भी सतर्क रहने को कहा।थानाध्यक्ष निवास कुमार ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को नौकरी, बिजली बिल, बैंकिंग सेवा, ऑनलाइन खरीदारी और घर बैठे कमाई जैसे झूठे प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाते हैं।

ऐसे किसी भी कॉल या संदेश पर भरोसा करने के बजाय संबंधित विभाग से सत्यापन करना चाहिए। उन्होंने बैंक एटीएम का उपयोग करते समय भी विशेष सावधानी बरतने और किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचने की अपील की।वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल सुविधाओं का सुरक्षित उपयोग तभी संभव है, जब लोग जागरूक और सतर्क रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।