बक्सर की बेटी ने रचा कीर्तिमान: अनूपा बनी जिले की टॉपर, बिहार में तीसरे स्थान से बढ़ाया मान
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के घोषित परिणाम में बक्सर जिले की होनहार छात्रा अनूपा कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। 488 अंक (97.8 प्रतिशत) हासिल कर अनूपा ने पूरे बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है, वहीं बक्सर जिले में पहला स्थान हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है

केटी न्यूज/बक्सर
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के घोषित परिणाम में बक्सर जिले की होनहार छात्रा अनूपा कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। 488 अंक (97.8 प्रतिशत) हासिल कर अनूपा ने पूरे बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है, वहीं बक्सर जिले में पहला स्थान हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।राजपुर प्रखंड के धनसोई थाना क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय खरहना की छात्रा अनूपा एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता नित्यानंद सिंह किसान हैं और माता निर्मला देवी गृहिणी हैं।

सीमित संसाधनों के बावजूद अनूपा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है।अनूपा की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता के साथ-साथ शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक गोरखनाथ मेहरा ने बताया कि अनूपा शुरू से ही पढ़ाई में गंभीर और जिज्ञासु रही हैं। वह हर विषय को गहराई से समझने की कोशिश करती थीं और नियमित रूप से मार्गदर्शन लेती थीं, जो उनकी सफलता का प्रमुख कारण बना।अपनी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए अनूपा ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य जेईई परीक्षा पास कर इंजीनियर बनना है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान अनुशासन का विशेष ध्यान रखा और मोबाइल का उपयोग केवल जरूरी कार्यों तक सीमित रखा। उनका मानना है कि निरंतर मेहनत और सही दिशा में प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।इस वर्ष बिहार बोर्ड के परिणाम में एक बार फिर बेटियों ने अपना परचम लहराया है। अनूपा कुमारी की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधन भी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते। उनकी यह उपलब्धि न केवल बक्सर बल्कि पूरे बिहार के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

