बक्सर सेंट्रल जेल की दीवारों के भीतर सेंध, सुरक्षा तंत्र पर उठे सवाल
जिले की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह बक्सर सेंट्रल जेल के भीतर चोरी की बड़ी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जेल परिसर में स्थित प्राचीन वामनेश्वर मंदिर में शुक्रवार की देर रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति चुरा ली है। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात उस इलाके में हुई, जहां 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा और निगरानी का दावा किया जाता है।
-- जेल परिसर स्थित वामनेश्वर मंदिर से चांदी का मुकुट, घंटे व उपकरण चोरी
केटी न्यूज/बक्सर
जिले की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह बक्सर सेंट्रल जेल के भीतर चोरी की बड़ी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जेल परिसर में स्थित प्राचीन वामनेश्वर मंदिर में शुक्रवार की देर रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति चुरा ली है। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात उस इलाके में हुई, जहां 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा और निगरानी का दावा किया जाता है।चोर भगवान वामन का चांदी का मुकुट, पीतल के कई घंटे, मंदिर में लगा इनवर्टर और बैटरी समेत अन्य कीमती सामान अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब हुई जब पुजारी रोज की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे।

मुख्य द्वार का ताला टूटा देख उनके होश उड़ गए। अंदर प्रवेश करने पर मंदिर से कीमती सामान गायब मिला, जिसके बाद तत्काल जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने जेल परिसर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात जेल कर्मियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चोर परिसर में दाखिल कैसे हुए और बाहर कैसे निकले।सबसे बड़ा सवाल यही है कि कड़ी सुरक्षा, ऊंची चारदीवारी और चौबीसों घंटे निगरानी के बावजूद चोर मंदिर तक कैसे पहुंचे। क्या सुरक्षा में कहीं बड़ी चूक हुई है या फिर अंदरूनी मिलीभगत से इस वारदात को अंजाम दिया गया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब जेल जैसे अति-सुरक्षित परिसर में चोरी हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।घटना के बाद श्रद्धालुओं और शहरवासियों में आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और पूरे जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। मंदिर की पवित्रता से जुड़ी इस घटना ने धार्मिक भावनाओं को भी आहत किया है।प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, यह वारदात सुरक्षा दावों पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी है और जवाब का इंतजार पूरे शहर को है।

